जल्द ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का पद संभालने वाले नवाज शरीफ ने उस संदिग्ध अमेरिकी ड्रोन हमले की निंदा की है जिसमें तालिबान का दूसरा सबसे बड़ा नेता मारा गया था।
बुधवार को उत्तरी वजीरिस्तान कबाइली इलाके में एक मकान पर मिसाइल हमले में तालिबान नेता वलिउर रहमान मारे गए थे।
इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने अमेरिकी ड्रोन हमलों का बचाव किया था।
उन्होंने कहा कि ये हमले वैध हैं, क्योंकि अमेरिकी अल-कायदा और तालिबान के खिलाफ जंग लड़ रहा है और "इन हमलों से ज़िंदगियां बची हैं"।
'गंभीर चिंता'
लेकिन शुक्रवार शाम अपनी पार्टी पीएमएल-एन द्वारा जारी एक वक्तव्य में नवाज शरीफ ने इस हमले पर 'गंभीर चिंता और गहरी निराशा' व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि ये ड्रोन हमला न सिर्फ पाकिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन है बल्कि ये अंतराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का भी उल्लंघन करता है।
वक्तव्य में ये भी कहा गया है कि इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास में डिप्टी चीफ ऑफ मिशन रिचर्ड होगलैंड को नवाज शरीफ के नजरिए से अवगत करा दिया गया है।
गुरुवार को अपने उपाध्यक्ष वलिउर रहमान की एक ड्रोन हमले में मौत की खबर की पुष्टि करने के बाद पाकिस्तानी तालिबान ने पाकिस्तान की सरकार के साथ शांति-वार्ता की पेशकश वापिस ले ली।
माना जा रहा है कि वलिउर रहमान बुधवार को मारे गए कम से कम छह संदिग्ध चरमंपथियों में से एक थे।
उन पर साल 2009 में एक अमेरिकी अड्डे पर बम हमले में शामिल होने का आरोप है।
इस हमले में सात सीआईए एजेंट मारे गए थे। बुधवार को हुआ हमला पाकिस्तान में पिछले महीने हुए चुनावों के बाद पहला हमला था।
'बेहद खेदजनक'
पीएमएल-एन का कहना था कि ये 'बेहद खेदजनक' है कि ये ड्रोन हमला अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के ड्रोन कार्यक्रम के बारे में नए दिशानिर्देश जारी किए जाने कुछ ही दिन बाद हुआ है।
उधर बुधवार को इमरान खान की पाकिस्तान तहरीके-इंसाफ पार्टी ने भी ड्रोन हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुआ एक वक्तव्य जारी किया। पार्टी ने कहा कि वो ड्रोन हमलों का विरोध जारी रखेगी।
तहरीके इंसाफ के एक प्रवक्ता ने कहा कि ये हमला आने वाली सरकार के प्रति शत्रुतापूर्ण इरादे दिखाता है। पीएमएल-एन की ही तरह हमारी पार्टी भी ड्रोन हमलों का विरोध करती है।
प्रवक्ता ने ये भी कहा, "नई सरकार बनने से पहले ही अमेरिका पाकिस्तान के लोगों और चुने गए नेतृत्व की इच्छाओं की खुले तौर पर अवहेलना कर रहा है।"
इस बीच पाकिस्तानी सैन्य सूत्रों ने कहा है कि अफगान सीमा के नजदीक कुर्रम कबाइली इलाके में सैन्य कार्यवाई में गुरुवार से अब तक 34 चरमपंथी मारे गए हैं। इसके अलावा तीन सैनिकों की भी मौत हो गई है।
एक वक्तव्य में कहा गया है कुर्रम कबाइली क्षेत्र में तालिबान और लश्कर-ए-इस्लाम के ठिकानों पर सैना की कार्यवाई के बाद ये लड़ाई हुई।
लेकिन इस खबर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है क्योंकि इलाके के पास मीडिया को जाने की इजाजत नहीं है। ये इलाका अफगानिस्तान में नाटो को रसद पहुंचाने वाले रास्ते के नजदीक है।