पाकिस्तान की पीएमएल-एन के नेतृत्व वाली सरकार ने संसद में एक महत्वपूर्ण चुनावी सुधार विधेयक को पास कराने में कामयाबी हासिल कर ली है। इससे सत्ता से बेदखल किए गए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के एक बार फिर सत्ताधारी पार्टी का मुखिया बनने का रास्ता साफ हो गया है।
सीनेट से चुनाव सुधार विधेयक, 2017 के क्लॉज 203 के पास होने से शरीफ अब फिर से पीएमएल-एन के प्रमुख बन सकते हैं। नेशनल असेंबली इस बिल को पहले ही मंजूरी दे चुकी है। यह बिल किसी भी नागरिक को राजनीतिक पार्टी बनाने और उसका सदस्य होने का अधिकार देता है, बशर्ते वह सरकारी सेवा में नहीं हो।
बिल को नेशनल असेंबली में भेजा जाएगा और वहां से राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन जाएगा। दरअसल पनामा पेपर घोटाला मामले में 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने शरीफ को नेशनल असेंबली की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था।
इस एतिहासिक फैसले के बाद 67 वर्षीय शरीफ को पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के प्रमुख के पद से भी हटना पड़ा था। शुक्रवार को संसद के सत्र में इस प्रस्ताव पर जहां 38 सांसदों ने अपनी सहमति जताई वहीं 37 ने इसके खिलाफ वोट किया। सरकार मात्र एक वोट से इस प्रस्ताव को पास कराने में सफल रही।