पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने राजद्रोह के आरोपी पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ को भगोड़ा घोषित किया है। मुशर्रफ को विशेष कोर्ट के सामने पेश होने के लिए कई समन जारी किए गए थे लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं हुए। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 30 दिन के अंदर परवेज मुशर्रफ को कोर्ट के सामने पेश किया जाए।
जस्टिस मजहर आलम खान की अध्यक्षता में तीन जजों की बेंच ने सरकार से कहा, 'अखबारों में मुशर्रफ के भगोड़ा होने के विज्ञापन दें, कोर्ट के बाहर और मुशर्रफ के आवास पर उनके भगोड़ा होने के पोस्टर लगाए जाएं।'
पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के परवेज मुशर्फ की विदेश यात्रा पर लगा प्रतिबंध हटाने के बाद 72 साल के परवेज मुशर्रफ इसी महीने इलाज कराने के लिए दुबई गए थे। पाकिस्तान में मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह के आरोप सहित कई हाई प्रोफाइल मामलों में केस चल रहे हैं। लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि वह अब कभी पाकिस्तान लौटकर नहीं आएंगे।
1999 में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का तख्तापलट कर राष्ट्रपति बने परवेज मुशर्फ पर देश में 2007 में आपातकाल लगाने का केस भी चल रहा है। इससे पहले भी वह दुबई भाग गए थे, 2013 में मुशर्रफ आम चुनाव लड़ने के इरादे से लौटे थे लेकिन उनकी पार्टी को चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं दी गई। मुशर्रफ पर जजों को गिरफ्तार करने सहित कई मामलों में ट्रायल चल रहा है।
जनवरी 2014 में कोर्ट ले जाते समय परवेज मुशर्रफ को कई हार्ट अटैक आए थे, इसके बाद उन्हें आर्मी अस्पाताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के लिए बाहर जाने से पहले मार्च में मुशर्रफ ने कह था कि वह कुछ ही हफ्तों में वापस देश लौटकर आ जाएंगे।