मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा के संस्थापक हाफिज सईद ने अपनी जब्त संपत्तियों के लिए पाकिस्तान सरकार के साथ अदालती लड़ाई लड़ने की तैयारी कर ली है।
सईद अपने दोनों संगठनों जमात-उद-दावा (जेयूडी) और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) की जब्त संपत्तियों को रिलीज कराने के लिए अदालत में याचिका लगाने जा रहा है। जेयूडी के एक प्रवक्ता अहमद नदीम ने बुधवार को बताया कि ये निर्णय इन दोनों संगठनों को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट की तरफ से देश में अपनी गतिविधियां जारी रखने की अनुमति मिलने के बाद लिया गया है।
बता दें कि पाकिस्तान सरकार ने पिछले साल राष्ट्रपति के जरिए अध्यादेश जारी कराकर जेयूडी और एफआईएफ की करीब 184 बिल्डिंग को अपने कब्जे में ले लिया था। ये कार्रवाई इन संगठनों को संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद की तरफ से प्रतिबंधित सूची में रखने के बाद लिया गया था।
कार्रवाई की जद में आई इन बिल्डिंगों में स्कूल, अस्पताल और क्लीनिक शामिल थे, जिनके संचालन के लिए सरकार ने प्रशासक नियुक्त कर दिए थे। इसके अतिरिक्त सरकार ने दोनों संगठनों के चंदा जुटाने पर रोक लगाते हुए उनके सभी बैंक खाते भी जब्त कर लिए थे।
पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने सरकार की उस अपील को नामंजूर कर दिया था, जिसमें लाहौर हाईकोर्ट के 5 अप्रैल को जारी अंतरिम आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में इन दोनों संगठनों को जनकल्याण के कार्य जारी रखने की इजाजत देते हुए सरकार पर सामाजिक कार्यों में हस्तक्षेप करने की रोक लगा दी थी।