मुंबई में 2008 में हुए आतंकी हमले के मामले को लेकर पाकिस्तान में चल रहे ट्रायल में अमेरिका और प्रगति के साथ-साथ ‘जवाबदेही और न्याय’ होते देखना चाहता है। उल्लेखनीय है कि इस आतंकी हमले में छह अमेरीकियों सहित 166 लोगों की मौत हुई थी।
अमेरिका के विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता मार्क टोनर ने मंगलवार को कहा, ‘ हम इस मामले में काफी स्पष्ट रहे हैं कि मुंबई हमलों के मामले में जवाबदेही तय हो और लोगों को न्याय मिले। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘उन भयावह हमलों में जान गंवाने वालों में अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे।
हम लंबे समय से आतंकवाद से निपटने में सहयोग को बढ़ावा देते रहे हैं और इस बात पर जोर भी देते रहे हैं। इसमें भारत और पाकिस्तान के साथ इस मामले से संबंधित खुफिया जानकारियों का आदान-प्रदान भी शामिल है।’
पिछले छह सालों से चल रहा ट्रायल
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टोनर ने कहा, ‘हम अपनी चिंताएं स्पष्ट कर रहे हैं कि उन्हें उन सभी आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जो उनकी धरती से अपनी गतिविधियां चला रहे हैं या वहां अपना पनाहगाह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
यह लंबे समय से हमारा उद्देश्य रहा है। इसमें प्रगति देखने को मिली है लेकिन इसमें और प्रगति की जरूरत है।’ उल्लेखनीय है कि मुंबई आतंकी हमले का ट्रायल पाकिस्तान में पिछले छह साल से चल रहा है।
इस हमले का मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-ताइबा का कमांडर जकीउर रहमान लखवी पिछले एक साल से जमानत पर जेल से बाहर अज्ञात स्थान पर रह रहा है। अन्य छह संदिग्ध रावलपिंडी के अदियाला जेल में हैं।
पाकिस्तान पर प्रतिबंध नहीं लगाएगा अमेरिका
अमेरिका ने कहा है कि पाकिस्तान को सभी आतंकी समूहों को निश्चित तौर पर निशाना बनाना चाहिए और इनमें उन समूहों को भी शामिल किया जाना चाहिए, जो उसके पड़ोसी देशों को निशाना बनाते हैं। हालांकि, अमेरिका ने यह भी कहा है कि वह आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई न करने को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की योजना नहीं बना रहा है।
विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता मार्क टोनर ने कहा, ‘हम किसी किस्म के प्रतिबंध के बारे में नहीं सोच रहे हैं।’ हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत जाल्मे खलीलजाद ने एक बयान में कहा था कि अब अमेरिका को पाकिस्तान के खिलाफ प्रतिबंध लगाने के विकल्प पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
खलीलजाद के इस बयान से संबंधित सवाल पूछे जाने पर टोनर ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि हम उस कगार पर हैं।’