पाकिस्तान की मदर टेरेसा के नाम से मशहूर जर्मन फिजीशियन और नन रूथ फॉ का शनिवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। रूथ फॉ कराची की मशहूर डॉक्टर थीं जिन्होंने अपना पूरा जीवन रोगियों की सेवा में लगा दिया।
डॉ फॉ का निधन 10 अगस्त को 87 साल की उम्र कराची में हुआ था। उनके निधन पर हजारों लोगों की भीड़ उन्हें देखने के लिए उमड़ पड़ी थी। मिलिट्री गार्ड्स के साथ उनकी लाइव तस्वीरें स्टेट रन टेलीविजन में खूब चर्चित हुई थीं। उनकी अंतिम यात्रा में सिविल सोसाइटी, डिप्लोमेट समेत राष्ट्रपति ममनून हुसैन और आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद भी शामिल हुए।
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डॉ. फॉ ने साल 1960 में पाकिस्तान में कुष्ठ रोग पहली बार देखा और फिर देशभर में क्लिनिक स्थापित करने का मकसद लेकर लौटीं। उनके प्रयासों की बदौलत ही 1996 में ये घोषणा की जा सकी कि बीमारी अब नियंत्रण में आ गई है।
उनके निधन पर प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने कहा था कि डॉ. फॉ भले ही जर्मनी में पैदा हुई थीं, लेकिन उनका दिल हमेशा पाकिस्तान में रहा। अब्बासी ने कहा, डॉ. रूथ उस समय पाकिस्तान आई थीं जब पाकिस्तान के बनने के शुरुआती साल थे। वो यहां कुष्ठ रोग से पीड़ित लोगों का जीवन बेहतर बनाने आई थीं और ऐसा करते हुए वो यहीं की होकर रह गईं।
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