पाकिस्तान के नए नेतृत्व के साथ अगले हफ्ते होने वाली मुलाकात के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो आतंकवाद के खिलाफ जंग के मुद्दे को उठाएंगे। एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने मंगलवार को इस बात की पुष्टि की थी कि पॉम्पियो पांच सितंबर को इस्लामाबाद में होंगे लेकिन अब यह पता चला है कि इस महत्वपूर्ण दौरे पर वह अकेले नहीं होंगे। उनके साथ ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी जनरल जोसफ एफ डुनफोर्ड भी होंगे।
रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने मंगलवार को पेंटागन में संवाददाताओं से कहा था, ‘विदेश मंत्री और अध्यक्ष इस्लामाबाद में नयी सरकार से मुलाकात के लिये जा रहे हैं।’ डॉन अखबार ने उन्हें उद्धृत करते हुए कहा कि पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ उनकी बातचीत का ‘प्रमुख हिस्सा’
आतंकवाद से लड़ने की जरूरत होगा। इस ब्रीफिंग में डुनफोर्ड भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ‘दक्षिण एशिया में स्थायी रूचि’ है और वह चाहता है कि ‘क्षेत्र में प्रभाव के लिये मौजूदगी (वहां) बरकरार रखी जाए।’
पॉम्पिओ और जनरल डुनफोर्ड के पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात करने की भी उम्मीद है। मैटिस ने कहा कि पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ अपनी बातचीत में प्रतिनिधिमंडल यह बिल्कुल स्पष्ट कर देगा कि हमें क्या करना है, हमारे राष्ट्रों के लिये, अपने साझा दुश्मन, आतंकवाद से निपटने के लिये और इसे अपनी चर्चा का प्राथमिक हिस्सा बनाना। जनरल डुनफोर्ड ने कहा कि अमेरिका दक्षिण एशिया में अपनी कूटनीतिक और रक्षा उपस्थिति बरकरार रखना चाहता है और इस मौजूदगी की प्रकृति बदलते वक्त के साथ बदलेगी।