अदालत की आपराधिक अवमानना के तहत कार्रवाई में फंसे सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल की ओर से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जवाब दाखिल न करने पर जस्टिस एम. जियापाल ने रामपाल को आखिरी मौका दिया है।
उधर, हरियाणा सरकार से रामपाल से जुड़े सभी केसों की जानकारी अगली सुनवाई 25 मई तक दाखिल करने को कहा है। अदालत की अवमानना के तहत कार्रवाई के मामले में हाईकोर्ट की ओर से गैरजमानती वारंट जारी होने के बावजूद रामपाल कोर्ट में पेश नहीं हुआ।
आखिर सितंबर 2014 में हाईकोर्ट की सख्ती पर हरियाणा सरकार आश्रम पर बड़ी कार्रवाई कर ही उसे गिरफ्तार कर सकी थी। इस कार्रवाई पर करोड़ों रुपये खर्च हुए। इसकी वसूली के बारे में रामपाल को जवाब दाखिल करने को कहा था। पूछा गया था कि आखिर यह खर्च उससे क्यों न वसूला जाए।
वह तभी से इस मामले में जवाब के लिए समय मांगता रहा और मंगलवार को भी और समय की मांग की, लेकिन हाईकोर्ट ने सख्ती से कहा है कि अब उसे आखिरी मौका दिया जा रहा है।