पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को राहत प्रदान करते हुए लाहौर हाई कोर्ट ने मुंबई हमले को लेकर उनके बयान के कारण उनके खिलाफ देशद्रोह की सुनवाई की याचिकाओं को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ये याचिकाएं सुनवाई के योग्य नहीं है। शरीफ ने कहा था कि 2008 में मुंबई में आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान के आतंकी जिम्मेदार थे।
हाई कोर्ट के जस्टिस शम्स महमूद मिर्जा ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ, पाकिस्तानी अवामी तहरीक और मानवाधिकार कार्यकर्ता अब्दुल्ला मलिक द्वारा दायर की गई याचिकाओं को खारिज कर दिया। इन याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि 68 वर्षीय शरीफ ने अपने बयान से देश की छवि को खराब किया है और यह देशद्रोह करने जैसा है।
बता दें कि शरीफ के खिलाफ पनामा पेपर्स घोटाले में भ्रष्टाचार के तीन केस चल रहे हैं। उन पर अवैध तरीके से कमाए गए धन से ब्रिटेन में संपत्ति खरीदने का आरोप है।