अंतरराष्ट्रीय न्यायालय द्वारा पाकिस्तान सेना के कुलभूषण जाधव का सुनाई गई मौत की सजा पर रोक का आदेश पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के लिए सुनहरा मौका साबित हो सकता है। शरीफ इस मौके का फायदा उठाकर कूटनीति के स्तर पर कुछ कदम उठा सकते हैं। न्यायालय के फैसले से पाकिस्तान काफी दबाव में है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव पाकिस्तान आर्मी पर पड़ता दिखाई दे रहा है।
जासूसी के केस में जाधव की फांसी पर रोक के बाद पाक सेना के हाथ कुछ हद तक बंध गए हैं। हालांकि, पाकिस्तान की किसी भी राजनैतिक पार्टी ने इस फैसले का विरोध नहीं किया है। यह साफ है कि शरीफ और सरकार इस फैसले में सेना के साथ ही है। साथ ही पाकिस्तान आर्मी के रवैये औऱ गुप्त आर्मी कोर्ट में उसकी सुनवाई के बाद शरीफ के पास ज्यादा विकल्प बचे भी नहीं हैं। मगर, अब इटरनेशनल कोर्ट ने आदेश ने आदेश के बाद पाक सरकार को एक मौका जरूर मिला है, जहां वो यह स्पष्ट कर सकता है कि यदि यह सजा दी जाती है तो, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसे बड़ा झटका लगेगा।