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जाधव की फांसी पर रोक ने शरीफ को दिया मौका, पाक सेना पर कस सकते हैं लगाम

Thu, 18 May 2017 03:37 PM IST
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
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नवाज शरीफ और जनरल बाजवा - फोटो : Daily Mail
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अंतरराष्ट्रीय न्यायालय द्वारा पाकिस्तान सेना के कुलभूषण जाधव का सुनाई गई मौत की सजा पर रोक का आदेश पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के लिए सुनहरा मौका साबित हो सकता है। शरीफ इस मौके का फायदा उठाकर कूटनीति के स्तर पर कुछ कदम उठा सकते हैं। न्यायालय के फैसले से पाकिस्तान काफी दबाव  में है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव पाकिस्तान आर्मी पर पड़ता दिखाई दे रहा है।
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जासूसी के केस में जाधव की फांसी पर रोक के बाद पाक सेना के हाथ कुछ हद तक बंध गए हैं। हालांकि, पाकिस्तान की किसी भी राजनैतिक पार्टी ने इस फैसले का विरोध नहीं किया है। यह साफ है कि शरीफ और सरकार इस फैसले में सेना के साथ ही है। साथ ही पाकिस्तान आर्मी के रवैये औऱ गुप्त आर्मी कोर्ट में उसकी सुनवाई के बाद शरीफ के पास ज्यादा विकल्प बचे भी नहीं हैं। मगर, अब इटरनेशनल कोर्ट ने आदेश ने आदेश के बाद पाक सरकार को एक मौका जरूर मिला है, जहां वो यह स्पष्ट कर सकता है कि यदि यह सजा दी जाती है तो, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसे बड़ा झटका लगेगा।
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नवाज शरीफ
इस जिरह को इतना हल्का भी नहीं लिया जा सकता, क्योंकि पाकिस्तान में कुछ 'लोग' भी मानेंगी की सेना के इस तरह के भारी-भरकम फैसले से मुल्क की छवि पर बट्ट लगेगा। भारत के फैसले से साफ है कि यह सरकार की प्राथमिकता है और भारत सोमवार को पूरी तैयारी और अच्छे होमवर्क के साथ कोर्ट में अपना पक्ष रखेगा। इसके अलावा नवाज शरीफ खुद भारत के साथ बातचीत के पक्ष में हैं और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के फैसले ने उसे राहत की एक सांस दी है।

जनरल कमर बाजवा की प्रमुखता में पाकिस्तान की सेना में जाधव को फांसी देने की जल्दबाजी नजर आ रही है। हाल ही में भारतीय सैनिकों के सिर कलम करने के बाद जाधव की सजा पर अमल करना पाकिस्तान के लिए बातचीत के और दरवाजे बंद कर देगा। यदि शरीफ वाकई अपने पद और पावर का इस्तेमाल कर जाधव की फांसी पर रोक लगाने में सफल होते हैं, तो इससे पाकिस्तान की सेना का दबाव कम होगा। साथ ही इसका असर, घाटी में बढ़ रही घटनाओं पर भी पड़ सकता है।
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