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सैयद सलाहुद्दीनः कैसे कश्मीर का पॉलिटिकल साइंस स्टूडेंट बन गया इंटरनेशनल आतंकी

Tue, 27 Jun 2017 11:08 AM IST
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार
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पीएम मोदी की अमेरिकी यात्रा से भारत को एक बड़ा कामयाबी हासिल हुई है। अमेरिका के विदेशी विभाग ने दुनियाभर में आतंक की दहशत फैलान वाले आतंकी सैयद सलाहुद्दीन को वैश्विक आतंकी करार दिया है। कश्मीर के आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के सरगना सलाहुद्दीन पर इसके बाद और शिकंजा कसता दिख रहा है। 
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अब अमेरिकी लोगों का सलाहुद्दीन के साथ किसी तरह का वित्तीय लेनदेन करना बंद हो जाएगा। साथ ही उसकी अमेरिका में सभी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी। 

बता दें कि सलाहुद्दीन ने भारत के खिलाफ सालों पहले से नापाक जंग शुरु की और ऐसा माना जाता है कि वो अक्सर कश्मीर में हिंसा भड़काने की गतिविधियों में भी शामिल रहता है। जानें सलाहुद्दीन के आतंक की कहानी....

-71 साल का सलाहुद्दीन पाकिस्तान में बैठ कर कश्मीर में हिजबुल मुजाहिद्दीन के काम को संभालता है।

-मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कश्मीर के बडगाम से निकले सलाहुद्दीन ने पाकिस्तान में 28 साल पहले यानि 1989 में पनाह ले ली थी।

-रिपोर्ट्स के मुताबिक उसकी बीवी, 5 लड़के और दो लड़कियां हैं और इनमें से चार बेटों ने सरकारी नौकरियां हासिल की हुई हैं।

-कश्मीर छोड़ने से पहले 1987 में सलाहुद्दीन ने कश्मीर विधानसभा में शामिल होने की कोशिश की और मुस्लिम यूनाइटेड फ्रंट की तरफ से खड़ा हुआ।

-सलाहुद्दीन पर कश्मीर में दंगा भड़काने का आरोप भी 1987 में ही लगा और जब वो दो साल बाद जेल से छूटा तो उसने हिजबुल मुजाहिद्दीन ज्वाइन कर लिया।

-सेना के हाथों मारे गए बुरहान वानी  सलाहुद्दीन के टच में था और उसे सलाहुद्दीन दिशा-निर्देश भी दिया करता था।

-मुंबई हमलों के मास्टर माइंड और भारत के सबसे बड़ा वॉन्टेड आतंकी हाफिज सईद से भी सलाहुद्दीन के अच्छे संबंध माने जाते हैं।

-आतंकवाद के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक मुहिम को बड़ी कामयाबी मिली है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कश्मीरी आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन को विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया है।
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