पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने सीमेंट प्लांट को एक सप्ताह के अंदर कटासराज मंदिर के तालाब में पानी भरने का आदेश दिया है। इस ऐतिहासिक मंदिर के तालाब के सूखने की खबर के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश सुनाया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तालाब के पास सीमेंट के कारखानों द्वारा भारी भूजल दोहन के कारण वह सूखता जा रहा है।
पाकिस्तान के कटासराज मंदिर से भगवान राम की मूर्ति गायब, SC ने जताई चिंता
अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि कटासराज मंदिर इलाके के सीमेंट कारखानों ने ब्रेस्ट कैंसर और सांस संबंधी बीमारी के खतरे को काफी बढ़ा दिया है। चीफ जस्टिस ने कहा कि हम लोगों के स्वास्थ्य की कीमत पर यहां सीमेंट फैक्ट्री चलाने की अनुमति नहीं देंगे। इससे पहले मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर से भगवान राम और हनुमान की मूर्तियां गायब होने पर नाराजगी जताते हुए इवैकुई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड से जवाब मांगा था। कोर्ट को यह जान कर हैरानी हुई कि यहां आने वाले हिंदू श्रद्धालु पूजा-पाठ के लिए देवी-देवता की मूर्तियां अपने साथ लाते हैं।
मुख्य न्यायाधीश साकिब निसार की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए इस मामले की सुनवाई कर रही है। पाकिस्तान के एक अखबार के मुताबिक पंजाब प्रांत में स्थित कटासराज मंदिर परिसर में तालाब के पास सीमेंट के कई कारखाने हैं और उनके कई बोरवेल के जरिये भूजल दोहन के कारण ही तालाब की ये हालत हुई है। सुनवाई के दौरान पीठ ने चार प्रमुख सीमेंट कंपनियों में से एक बेस्टवे सीमेंट फैक्ट्री के वकील के मौजूद नहीं रहने पर कड़ी नाराजगी जताई। पीठ ने पंजाब सरकार से उस इलाके में सीमेंट प्लांट लगाने की इजाजत देने पर सवाल उठाते हुए ब्योरा तलब किया है।