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50 हजार केस निपटाने वाले जस्टिस सईद खोसा बने मुख्य न्यायधीश, नवाज शरीफ को ठहराया था अयोग्य

Sat, 19 Jan 2019 10:12 AM IST
Shani Mishra वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
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Justice Asif Saeed khan khosa
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जस्टिस आसिफ सईद खोसा ने शुक्रवार को पकिस्तान के नए मुख्य न्यायधीश के रूप में शपथ ली। वह 26वें मुख्य न्यायधीश के रूप में 377 दिनों तक इस पद पर रहेंगे। राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने उन्हें शपथ दिलाई। इस दौरान प्रधानमंत्री इमरान खान सहित कई मंत्री मौजूद रहें।

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इस शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मदन बी लोकुर ने भी हिस्सा लिया। लोकुर एक दिन पहले ही बाघा-अटारी बॉर्डर के रास्ते पकिस्तान पहुंचे थे। इसके अलावा की विदेशी मेहमान और तुर्की, दक्षिण अफ्रीका, नाइजीरिया के भी जज शपथ ग्रहण में मौजूद रहे।

1954 में पकिस्तान के पंजाब प्रान्त के डेरा गाजी खान में जन्में जस्टिस खोसा ने पंजाब यूनिवर्सिटी और लंदन की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। 1977 में वकील के तौर पर अपने करियर की शुरुआत करने के बाद 1998 में वह हाईकोर्ट के जज नियुक्त हुए। जस्टिस खोसा 2010 में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। बताया जाता है कि उन्होंने 55 हजार केसोन की सुनवाई की है। 
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जस्टिस खोसा ईशनिंदा के मामले में शामिल ईसाई महिला आसिया बीबी को बरी करने वाले तीन जजों की बेंच में शामिल थे। इसके अलावा वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और युसूफ रजा गिलानी को अयोग्य ठहराने वाली बेंच का भी हिस्सा रह चुके हैं।

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