कुलभूषण जाधव की फांसी पर इंटरनेशनल कोर्ट के रोक लगाने के बाद पाकिस्तानी मीडिया में सरकार और इंटरनेशनल कोर्ट दोनों की आलोचना की गई। दुनिया अखबार की हेडलाइन है कुलभूषण को फांसी ना दी जाए, इंटरनेशनल कोर्ट खाक। अखबार ने पहले पन्ने पर इस मामले से जुड़ी चार खबरों को जगह दी हैं।
दूसरी खबर है, इंटरनेशनल कोर्ट ने 17 साल पहले भी पाकिस्तान के खिलाफ फैसला दिया। तारीख—ए-इंसाफ ने लिखा कि इंटरनेशनल कोर्ट ने अनुभवहीन वकील चुना। वहीं अंग्रेजी अखबार द न्यूज इंटरनेशनल ने लिखा कि आईसीजे ने भारतीय जासूस की फांसी पर अंतिम निर्णय होने तक रोक लगाई। एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने लिखा कि कुलभूषण जाधव की फांसी पर इंटरनेशनल कोर्ट के फैसले पर इमरान खान ने नवाज शरीफ को जिम्मेदार ठहराया।