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क्या करीब आ रहे हैं पाकिस्तान और अफगानिस्तान?

Mon, 09 Apr 2018 03:29 PM IST
बीबीसी, हिंदी
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पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अखबारों में इस हफ्ते पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी का अफगानिस्तान दौरा, भारत प्रशासित कश्मीर और पाकिस्तान की अंदुरूनी सियासत से जुड़ी खबरें सुर्खियों में रहीं। सबसे पहले बात भारत प्रशासित कश्मीर की। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने कहा है कि अतंरराष्ट्रीय बिरादरी को भारत प्रशासित कश्मीर में हो रहे कथित जुल्म के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। अखबार जंग के अनुसार कश्मीर सॉलिडेरिटी दिवस के मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए अब्बासी ने कहा कि जब तक कश्मीरियों को उनका हक नहीं मिल जाता तब तक पाकिस्तान उनकी राजनीतिक, नैतिक और राजनयिक मदद करता रहेगा।

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वहीं एक्सप्रेस अखबार ने इसे पहली खबर बनाते हुए लिखा है कि भारतीय कश्मीर में हो रहे कथित राज्य प्रायोजित दहशतगर्दी के खिलाफ पाकिस्तान के कई शहरों में प्रदर्शन हुए। अखबार के अनुसार कराची से खैबर तक कई शहरों में रैलियां निकाली गईं जिनमें लोगों ने भारत के खिलाफ नारेबाजी की। रोजनामा खबरें के अनुसार पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के छोटे भाई शहबाज शरीफ ने कहा है कि भारत प्रशासित कश्मीर की जनता अपनी आजादी और अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। शहबाज शरीफ का कहना था, ''अपने अधिकारों को हासिल करने के लिए कश्मीरी अवाम ने अपने खून से नई तारीख लिखी है। कश्मीर भारतीय विभाजन का नामुकम्मल एजेंडा है।''

पाक पीएम का अफगान दौरा

कश्मीर के अलावा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का अफगानिस्तान दौरा भी इस हफ्ते सुर्खियों में रहा। प्रधानमंत्री अब्बासी ने शुक्रवार को अफगानिस्तान का एक दिन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी और चीफ एक्जीक्यूटिव अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह से मुलाकात की। अखबार नवा-ए-वक्त के अनुसार संयुक्त बयान जारी कर कहा गया कि दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई है कि अफगानिस्तान की समस्या का कोई सैनिक हल संभव नहीं है। नवा-ए-वक्त के मुताबिक, ''दोनों नेताओं ने कहा है कि अफगानिस्तान मसले का सबसे बेहतरीन हल राजनीतिक हल है। अपनी धरती एक दूसरे के खिलाफ इस्तेमाल नहीं किए जाने पर सहमति जताई गई।''

अखबार एक्सप्रेस के अनुसार, प्रधानमंत्री अब्बासी के काबुल दौरे पर दोनों नेताओं ने साझा बयान जारी कर कहा है कि दोनों देश एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी से परहेज करेंगे। बयान में ये भी कहा गया है कि दहशतगर्दी दोनों देशों के लिए संयुक्त रूप से खतरा हैं और इससे मिलकर निपटा जाएगा। अखबार दुनिया के अनुसार प्रधानमंत्री अब्बासी के अफगानिस्तान दौरे के बाद दोनों देशों ने पूरे क्षेत्र में शांति कायम करने के लिए सात सूत्री एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। एक्शन प्लान में दोनों देशों के बीच पैदा होने वाले मुद्दों को शामिल कर लिया गया है। इनमें सबसे खास बात ये है कि दोनों देश अपनी-अपनी धरती को एक दूसरे के खिलाफ इस्तेमाल नहीं करने देंगे। अखबार दुनिया लिखता है कि एक्शन प्लान को पूरी तरह अमल में लाने के लिए एक वर्किंग ग्रुप का गठन किया जाएगा।
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नैब कानून पर उठाए सवाल

अब बात पाकिस्तान की अंदरूनी राजनीति की। अखबार जंग के मुताबिक पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने नैब यानी नेशनल अकाउंटिबिलिटी ब्यूरो की जमकर आलोचना की है। नवाज शरीफ का कहना था, ''नैब का कानून एक तानाशाह (जनरल परवेज मुशर्रफ) का बनाया हुआ काला कानून है। मुशर्रफ ने मेरे खिलाफ बदले की कार्रवाई करने के लिए ये कानून बनाया था।'' नवाज शरीफ ने कहा कि वो अपनी ही पार्टी के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी से अपील करते हैं कि आंतरिक सरकार के दौरान नई सरकार के गठन तक नैब के कानून को सस्पेंड कर दिया जाए। नवाज शरीफ का दावा है कि नैब कानून का चुनाव के दौरान गलत इस्तेमाल हो सकता है।
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