पाक में सार्क सम्मेलन के दौरान पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के एक मंत्री की मौजूदगी को लेकर भारतीय राजनयिक शुभम सिंह ने वॉकआउट किया। भारत की नीति पीओके सरकार के मंत्रियों या अधिकारियों के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच साझा करने की नहीं रही है। शुभम सिंह ने सार्क चार्टर बैठक से वॉकआउट का फैसला इसी नीति के तहत विरोध दर्ज कराने के मकसद से किया।
पीओके को लेकर भारत का रुख स्पष्ट है और इसी कूटनीतिक मुद्दे को वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी दोहराता रहा है। इस बैठक में पीओके के मंत्री चौधरी मोहम्मद सईद को वक्ता के रूप में मौका दिया गया था। भारत ने पाकिस्तान के इस कदम पर कड़ा विरोध जताया और सईद के बोलने से पहले ही बैठक से वॉक आउट कर दिया। पीओके भारत का अभिन्न अंग है। इसे लेकर भारत कभी कोई समझौता स्वीकार नहीं करता है।
पीओके को लेकर भारत के इस रुख से एक बार फिर पाकिस्तान को सबक मिल गया। हालांकि देर शाम तक भी यह स्पष्ट नहीं हो सका कि भारत ने इसके विरोध में इस्लामाबाद को कोई औपचारिक प्रतिक्रिया दी या नहीं। बता दें कि पाक न्योते को अस्वीकार करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि भारत सार्क सम्मेलन में शामिल नहीं होगा। सुषमा ने पाक को दो-टूक कहा कि आतंकवाद और वार्ता साथ-साथ नहीं चल सकते हैं।
2016 में स्थगित करना पड़ा था सम्मेलन
2016 का दक्षेस शिखर सम्मेलन नवंबर में इस्लामाबाद में होना था लेकिन उसी साल सितंबर में जम्मू कश्मीर में भारतीय सेना के एक शिविर पर आतंकवादी हमला होने के बाद भारत ने तत्कालीन स्थितियों के कारण सम्मेलन में हिस्सा लेने में असमर्थता जताई थी। बाद में बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान ने भी हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था। उसके बाद सम्मेलन स्थगित कर दिया गया।