पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को कहा कि 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद वह एक बार फिर भारत की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाएंगे। उनके मुताबिक, नई दिल्ली ने वार्ता की हमारी पेशकश इसलिए खारिज की थी क्योंकि पड़ोसी देश में पाकिस्तान एक चुनावी मुद्दा है। ऐसे में दोस्ती का हाथ बढ़ाने का वह अच्छा समय होगा।
रियाद में आयोजित इंवेस्टमेंट इनीशिएटिव फोरम को संबोधित करते हुए इमरान ने कहा, पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए सभी पड़ोसियों, विशेष रूप से भारत और अफगानिस्तान के साथ शांति चाहता है। भारत के साथ शांति दोनों देशों को हथियारों की दौड़ में शामिल होने के बजाय मानव संसाधन के प्रति अपने संसाधनों को बदलने में मदद करेगी।
इसी तरह, अफगानिस्तान में शांति से द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापार गतिविधियों के लिए पाकिस्तान को मध्य एशियाई देशों तक आसानी से पहुंचने में मदद मिलेगी।