अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर हमेशा निशाने पर रहने वाले पाकिस्तान में एक घटना ने फिर से हिंदू अल्पसंख्यकों में आक्रोश पैदा कर दिया है। सिंध प्रांत के थारपारकर जिले में दो हिंदू भाइयों की दिनदहाड़े गोली मार दी गई। अनाज की दुकान चलाने वाले दोनों भाइयों पर यह हमला बाइक सवार लुटेरों ने किया।
मृतकों की पहचान अनाज व्यापारी दिलीप कुमार और चंदर माहेश्वरी के रूप में की गई है। यह दर्दनाक घटना उस वक्त घटित हुई जब जिले के मीठी इलाके में स्थित अपने अनाज की दुकान को वे खोल रहे थे।
पुलिस के अनुसार, शहर में हुई इस तरह की पहली लूट की घटना में बाइक सवार बदमाशों ने दोनों भाइयों से पहले तो पैसे छिनने की कोशिश की और जब उन्होंने उसका विरोध किया तो बदमाशों ने गोली मार दी।
घटना के बाद जिले के हिंदू बहुल इलाकों में व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दी और लोग मुख्य रोड को बाधित कर धरने पर बैठ गए जिसकी वजह से ट्रैफिक जाम लग गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस घटनास्थल पर देर से पहुंची क्योंकि अधिकतर सुरक्षाकर्मी मीरपुरखास में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) द्वारा आयोजित एक रैली में सुरक्षा इंतजाम में लगे थे।
इस रैली को संभावित रूप से पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी संबोधित करने वाले थे। इस बीच सिंध प्रांत के गृहमंत्री सोहैल अनवर सियाल ने उमरकोट के वरिष्ठ पुलिस महानिरीक्षक को हत्या की जांच का आदेश दिया।