मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ता और आतंकी संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) प्रमुख हाफिज सईद ने शनिवार
अमेरिका का फिर आलोचना की। सईद ने कहा कि अमेरिकी साजिश के कारण ही पाक सरकार को जमात उद दावा के परोपकारी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई को बाध्य है।
मालूम हो कि पाकिस्तान ने फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की पेरिस में होने वाली बैठक से कुछ दिन पहले अध्यादेश के जरिये आतंक रोधी कानून में संशोधन किया था।
इस अध्यादेश के जरिये संयुक्त राष्ट्र की सूची में शामिल सभी लोगों और समूहों को गैरकानूनी संगठनों और व्यक्तियों की सूची में डाल दिया गया था। पाकिस्तान ने यह कदम टेरर फंडिंग की निगरानी सूची से अपना नाम बाहर रखने के लिए उठाया था।
जमात उद दावा प्रमुख सईद ने कहा कि यह अध्यादेश जेयूडी के देशभक्ति के कामों को पंगु बनाने के लिए लाया गया था। इसके पीछे कारण था कि अमेरिका और अन्य बाहरी ताकतें हमारे संगठन के परोपकारी कामों से खुश नहीं हैं।
सईद ने एक बयान में कहा कि हम अमेरिका के खिलाफ एकजुट हैं इसलिए अमेरिकी प्रशासन देश में जमात की प्रभावी भूमिका को सहन नहीं कर पा रहा है। पिछले साल नजरबंदी से रिहा किए गए सईद के सिर पर करीब 65 करोड़ रुपये का ईनाम है।
सईद ने कहा कि यदि पाकिस्तान अमेरिकी मांगों के आगे झुकता रहा तो वह दिन दूर नहीं है जब ऐसी ताकतें हमें हमारे परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने कहेंगी।