पाकिस्तान की पूर्व नेता बेनज़ीर भुट्टो के हत्या के मामले की जांच कर रहे सरकारी वकील चौधरी जुल्फिकार अली की गोली मार कर हत्या कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार चौधरी जुल्फिकार को उस समय गोली मारी गई, जब वे इस मामले की सुनवाई के लिए अदालत जा रहे थे।
गोली लगने के कारण ड्राइवर से कार का नियंत्रण छूट गया जिसकी वजह से राह में चल रही एक महिला की भी मौत हो गई।
चौधरी जुल्फिकार साल 2008 में मुंबई हमले से जुड़े मुकदमें में भी सरकारी वकील हैं। राजधानी इस्लामाबाद में हुई घटना के कारणों पर पुलिस ने अभी कुछ नहीं कहा है।
बेनज़ीर भुट्टो की हत्या दिसंबर 2007 में रावलपिंडी में चुनाव प्रचार के दौरान हुए धमाके में हो गई थी।
पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख और राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ पर इस रैली के दौरान बेनज़ीर भुट्टो को अपर्याप्त सुरक्षा देने के आरोप लगाए गए थे, हालांकि उन्होंने इन आरोपों को खारिज किया था।
आम चुनाव लड़ने की मंशा के साथ परवेज मुशर्रफ हाल ही में पाकिस्तान वापस लौटे थे हालांकि अदालत ने उन्हें चुनाव लड़ने की मंजूरी नहीं दी।
उन्हें घर में ही नजरबंद कर दिया गया और इस बीच उन पर लगे आरोपों की जांच हो रही है, वे खुद पर लगे आरोपों का खंडन करते हैं।
पाकिस्तान में अभी तक बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के मामले में किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया गया है।
गोलियों से छलनी
पुलिस का कहना है कि शुक्रवार सुबह चौधरी जुल्फिकार इस मामले की सुनवाई के लिए आतंकवाद निरोधी अदालत जा रहे थे जब उनकी कार पर हमला किया गया।
उनके अनुसार हमलावरों ने कार को गोलियों से छलनी कर दिया और इस हमले में सरकारी वकील बुरी तरह से घायल हो गए। बाद में उनकी अस्पताल में मौत हो गई।
इस हमले के दौरान ड्राइवर ने कार पर नियंत्रण खो दिया जिसकी वजह से राह पर चलती एक महिला की भी मौत हो गई और वकील के अंगरक्षक घायल हो गए।
ये हमला इस्लामाबाद के जी-9 सेक्टर में किया गया जहां सरकारी वकील रहते थे। हमलावार गोलीबारी के बाद फ़रार हो गए। पाकिस्तान के चर्चित अखबार डॉन के अनुसार इस्लामाबाद और रावलपिंडी में वकीलों ने इस हत्या के बाद हड़ताल की घोषणा कर दी है।