पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा के महिला विश्वविद्यालय की एक बस में हुए बम विस्फोट में कम से कम 14 छात्राओं की मौत हो गई।
हादसे के कई घंटे बाद, जिस अस्पताल में छात्राओं का इलाज चल रहा था वहां भी चरमपंथियों ने हमला कर दिया।
अब वहां मुठभेड़ ख़त्म हो गई। लेकिन इस दौरान 10 और लोगों की जान चली गई। इसमें अस्पताल की नर्सें और एक वरिष्ठ अधिकारी की भी मौत हो गई।
चरमपंथी गुट लश्करे झांगवी ने बीबीसी को जानदारी दी है कि दोनों हमले उसने किए। खुद को गुट का प्रवक्ता बताने वाले एक व्यक्ति ने कहा है कि ये हमला सुरक्षाकर्मियों के उस छापे का बदला था जिसमें एक महिला और एक बच्चा मारे गए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अस्पताल परिसर में दो धमाके सुनाई दिए। हैंडग्रेनेड से लैस हमलावर सुरक्षाकर्मियों प गोलीबारी कर रहे थे।
छात्राओं को देखने गए क्वेटा के उपायुक्त अब्दुल मंसूर ख़ान की गोलीबारी में मौत हो गई।
लगातार हिंसा
पुलिस प्रमुख ज़ुबैर महमूद ने कहा, “एक इंप्रोवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) महिला विश्वविद्यालय की बस में लगाया गया था।”
पुलिस के अनुसार छात्राएंअपने घर जाने के लिए बस में सवार हुई ही थीं कि तभी बस में लगाया गया बम फट गया।
पिछले कुछ महीनों में बलूचिस्तान में हिंसा में घटनाएं काफ़ी बढ़ी हैं।
कुछ हमले अलगाववादी विद्रोहियों द्वारा किए जाते हैं तो अन्य इस्लामिक अतिवादियों द्वारा जो महिला शिक्षा के ख़िलाफ़ हैं।
पुलिस उप महानिदेशक (ऑपरेशन्स) फ़ैयाज़ अहमद सुंबल ने बताया कि छात्राएं क्वेटा के सरदार बहादुर ख़ान महिला विश्वविद्यालय की थीं।
बलूचिस्तान में पाकिस्तान के कायदेआज़म मोहम्मद अली जिन्ना के घर पर रॉकेटों से हमले के कुछ घंटे बाद ही यह हमला भी हुआ है।
पिछले महीने क्वेटा में सुरक्षा बलों पर तालिबान के हमले में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई थी।