पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद की सदस्यता से उन्हें अयोग्य ठहराने के हाईकोर्ट के फैसले को बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। इस्लामाबाद हाईकोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने पिछले सप्ताह आसिफ को संसद की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराया था।
आसिफ को 2013 के चुनाव में अपने यूएई वर्क परमिट का ब्योरा छिपाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 62 (1) ( एफ ) के तहत अयोग्य ठहराया गया था। संविधान का अनुच्छेद 62 संसद के किसी सदस्य के लिए ‘सादिक और अमीन’ (ईमानदार और भरोसेमंद) होने की पूर्व शर्त निर्धारित करता है।
इसी प्रावधान के तहत पनामा पेपर्स मामले में 28 जुलाई 2017 को पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अयोग्य ठहराया गया था। उच्च न्यायालय के फैसले के कुछ ही घंटे बाद पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने औपचारिक रूप से 68 वर्षीय आसिफ के नेशनल असेंबली का सदस्य नहीं रहने को लेकर अधिसूचना जारी की थी।