ब्यूरो/अमर उजाला,नौतनवां/कपिलवस्तु। काम के सिलसिले में नेपाल के लुंबिनी आए पाकिस्तानी सेना के पूर्व कर्नल गत छह अप्रैल से लापता हैं। पाक दूतावास ने विभिन्न आशंकाएं जताते हुए इस संबंध में नेपाल सरकार से रिपोर्ट मांगी है। जिससे नेपाल प्रशासन उसकी तलाश में जुट गया है।
पाकिस्तानी सेना से कर्नल हबीब जाहिर 2014 में रिटायर्ड हुए और फैसलाबाद स्थित एक मिल में अपनी सेवा दे रहे थे। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में उन्होंने अपनी योग्यता को दर्शाते हुए काम प्रदान करने के लिए प्रतिवेदन किया था, जिस पर उन्हें जोनल डायरेक्टर के रूप में कार्य करने के लिए नेपाल भेजा गया था।
संयुक्त राष्ट्र ने हबीब के लिए ओमान होते हुए काठमांडू तक के लिए बिजनेस क्लास का टिकट मुहैया कराया था। ओमान में उनसे यूएन के एजेंट जावेद अंसारी ने मुलाकात करते हुए नेपाल के मोबाइल सिम मुहैया कराए। छह अप्रैल को वह नेपाल के लुंबिनी में थे और परिजनों से यहां सकुशल पहुंचने की बात भी बताई पर ठीक आधे घंटे बाद से उनके नंबर बंद हो गए और उनके बारे में किसी को कोई सूचना नहीं है।
पाकिस्तानी दूतावास के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने नेपाल सरकार को कर्नल हबीब की गुमशुदगी के बारे में जानकारी दे दी गई है। विदेश मंत्रालय भी पाकिस्तानी दूतावास और नेपाल के अधिकारियों के सीधे संपर्क में है।
इस संबंध में रुपनदेही के डीएसपी विनय चतुर्वेदी ने बताया कि शुरुआती जांच में जानकारी मिली है कि कर्नल हबीब बुद्ध एयरवेज के विमान से लुंबिनी पहुंचे थे। इसके बाद से उनकी कोई सूचना नहीं है। जांच पड़ताल जारी है। हालांकि एसपी रुपन्देही राविंद्र धामुक का कहना है कि उन्हें किसी पाकिस्तानी नागरिक के लापता होने की आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं है।
पूर्व पाकिस्तानी कर्नल के सरहद से 6 किमी दूरी पर लापता हो जाने से पाकिस्तानी और भारतीय खुफिया तंत्र के कान खड़े हो गए हैं। इसके पूर्व भी 77 पाकिस्तानी नागरिक भारत-नेपाल सीमा से लापता हो चुके हैं।