नेशनल जियोग्राफिक पत्रिका के कवर पेज पर छपकर मशहूर हुई हरी आंखों वाली अफगान लड़की शरबत गुल को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान वापस भेज दिया है। पाकिस्तान में नकली पहचान पत्र का इस्तेमाल कर वहां रहने के आरोप में कुछ दिन पहले उसे गिरफ्तार किया गया था। डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार शरबत ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांतीय सरकार की पाकिस्तान में रहने की पेशकश ठुकरा दी थी, जिसके बाद मंगलवार को उसे तोरखम सीमा पर अफगानिस्तान के सुरक्षाकर्मियों को सौंप दिया गया।
1984 में अफगान जंग के रिफ्यूजी पेशावर के पास एक शरणार्थी शिविर में रह रहे थे। तब नेशनल जियोग्राफिक पत्रिका के फोटोग्राफर ने शरबत की एक फोटो ली, जो 1985 में पत्रिका के कवर पेज पर छपी थी। तब शरबत महज 12 साल की थीं। यह तस्वीर युद्ध का प्रतीक बन गई थी। इसके बाद कई सालों तक शरबत गुमनामी में रहीं। शरबत को पिछले सप्ताह पेशावर में उनके घर से गिरफ्तार किया गया था और उन्हें सोमवार तक देश से वापस भेजा जाना था।
प्रांतीय सरकार को सौंपे गए एक आवेदन में शरबत और अफगान सरकार ने 15 दिन की उनकी सजा पूरी होने के बाद उन्हें पाकिस्तान छोड़ने की इजाजत देने का अनुरोध किया था। प्रांतीय सरकार ने मानवीय एवं अफगानिस्तान के प्रति सद्भावना के आधार पर उन्हें देश से वापस भेजने के फैसले पर शनिवार को रोक लगा दी थी। लेकिन गुल ने पाकिस्तान में रहने से इंकार कर दिया था। इसके बाद उसे अफगानिस्तान भेज दिया गया।