अपने ही घर में कुलभूषण जाधव के मुद्दे पर आलोचनाओं का शिकार हो रहे पाकिस्तान के आरोपों की उसके ही पूर्व अफसर ने हवा निकाल दी है। आईएसआई के पूर्व अधिकारी रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल अमजद शोएब ने स्वीकार किया है कि पूर्व भारतीय नौसेना के अधिकारी कुलभूषण जाधव को ईरान से पकड़ा गया था।
अधिकारी ने ये भी कहा है कि पकड़ने के बाद जाधव की बलूचिस्तान में फर्जी गिरफ्तारी दिखाई गई थी। अब भारत अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में पूर्व आईएसआई अधिकारी के बयान को पाक के खिलाफ इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा है। वहीं मंगलवार को जहां एक ओर पाकिस्तान ने संसद में विपक्षी दलों को जाधव मामले पर एकजुट करने की कोशिश की वहीं दूसरी ओर उसने अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में जाधव मामले की तेज सुनवाई के लिए भी अर्जी दी है।
पाकिस्तान चाहता है कि छह महीने के भीतर जाधव मामले की सुनवाई को पूरा कर लिया जाए। ऐसा नहीं है कि ये पहली बार हुआ है पाक सरकार के दावों की हवा निकली है, इससे पहले पाकिस्तान में जर्मनी के राजदूत ने भी कहा था कि जाधव को तालिबान ने ईरान से अगवा किया था और फिर उसे ISI को बेच दिया गया। इसके अलावा शरीफ सरकार के सुरक्षा सलाहकार भी इस बात को मान चुके हैं कि पाक के पास जाधव के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत मौजूद नहीं है।
पाक का दावा है कि जाधव को बलूचिस्तान में जासूसी करते हुए पकड़ा गया था, वहीं भारत हर बार यही कहता आ रहा है कि उसे फर्जी तरीके से पाकिस्तान ने गिरफ्तार किया है। भारत ने जाधव के बचाव के लिए पाकिस्तान से 16 बार काउंसलर एक्सेस की मांग की, लेकिन हर बार पाक की तरफ से उसे निराशा ही हाथ लगी।