पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता शाहबाज कादरी ने बताया कि रिजवी के दूसरे कमांडर अफजल कादरी को भी हिरासत में लिया गया है। कादरी ने बताया कि अफजल कादरी और खादिम रिजवी को जेल भेज दिया गया है। कादरी को जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने ट्वीट करते हुए कहा कि रिजवी द्वारा रविवार को होने वाले प्रदर्शनों को रोकने से मना करने पर उन्हें सुरक्षात्मक कस्टडी में भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के यह पैसला लिया गया है।
बता दें कि रिजवी ने अपने समर्थकों से अपील की थी कि यदि वह गिरफ्तार किए जाते हैं तो वह सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करें। शुक्रवार रात रिजवी के बेटे ने बताया कि उन्हें लाहौर स्थित उनके मदरसे पर छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया गया था। जानकारी के मुताबिक रिजवी के समर्थकों में से करीब 10 और लोगों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
बता दें कि टीएलपी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के जजों को जान से मारने की धमकी भी दी थी। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने सरकार से असिया बीबी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर दोबारा समीक्षा करने की शर्त पर विरोध प्रदर्शन रोकने की बात कही है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि रिजवी अदालत में पेश होंगे या नहीं, पाकिस्तान पहले भी इस्लामिक नेताओं को गिरफ्तार किया है लेकिन वह उन्हें हिरासत में नहीं रख पाई है।
बरी होने के बाद से असिया बीबी और उनका परिवार छिप कर रह रहा है। बीबी पर 2010 में इस्लाम पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि बीबी ने यह टिप्पणी तब की थी जब उनके पड़ोसियों ने बीबी के ग्लास से पानी पीने से इंकार कर दिया था क्योंकि वह मुस्लिम नहीं हैं। हालांकि, बीबी ने ईशनिंदा करने से इंकार किया था।
बता दें कि 2011 में पंजाब के गवर्नर सलमान तासीर द्वारा बीबी को बरी करने के प्रयास किए गए थे, तब एक बॉडीगार्ड मुमताज कादरी ने ही उनकी हत्या कर दी थी। मुमताज कादरी के टीएलपी से भी संपर्क पाए गए थे।