पाकिस्तान का सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ग्वादर पोर्ट रविवार को खुल गया और 250 कंटेनरों को लेकर चीनी जहाज मध्य पूर्व और अफ्रीका के लिए रवाना हो गया। इसके साथ ही पश्चिमी चीन और अरब सागर को जोड़ने वाला 46 अरब डॉलर का चीन-पाक आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) हकीकत बन गया है। इसके तहत अशांत बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर पोर्ट का नवीनीकरण कराया गया है। यह गलियारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से होकर गुजर रहा है। भारत इस बाबत चीन से अपना विरोध भी जता चुका है। उधर, बलोच नागरिक भी इस गलियारे का विरोध कर रहे हैं।
पाक पीएम नवाज शरीफ ने ग्वादर पोर्ट का उद्घाटन किया। यह पोर्ट ऐसे समय में खुला जब एक दिन पहले ही बलूचिस्तान प्रांत में सूफी दरगाह पर आईएस के आत्मघाती हमले में 52 लोगों की मौत हो गई थी। अपने संबोधन में शरीफ ने इस घटनाक्रम को पाकिस्तान और पूरे क्षेत्र के इतिहास में ऐतिहासिक क्षण करार दिया। उन्होंने इसे चीन की ‘वन बेल्ट-वन रोड’ पहल के प्रति पाक की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
शरीफ ने आगे कहा कि सीपीईएसी और उससे जुड़ी सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। कहा कि सीपीईसी दक्षिण एशिया, चीन और मध्य एशिया को जोड़ेगा, जिससे दुनियाभर के निवेशकों और क्षेत्र के लोगों के लिए संभावनाओं के नए द्वार खुलेंगे। इस कार्यक्रम में पाक सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ समेत सेना और सरकार के शीर्ष अधिकारी, बलूचिस्तान के गवर्नर और मुख्यमंत्री के अलावा चीन और पाक के कारोबारी प्रतिनिधि भी मौजूद थे।