चीन की तरफ से फंड रोकने के कारण पाकिस्तान में 50 अरब डॉलर की चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) की तीन महत्वपूर्ण योजनाओं का काम ठप हो गया है। एक मीडिया रिपोर्ट में पाकिस्तान के योजना और विकास मंत्री अहसान इकबाल के हवाले से इस बात की जानकारी दी गई है।
डॉन न्यूजपेपर ने नेशनल असेंबली सचिवालय की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए लिखा कि मंत्री इकबाल ने सीपीईसी पर संसदीय समिति की बैठक में यह जानकारी दी कि चीन ने इन परियोजनाओं की वित्तीय मेकेनिज्म की समीक्षा की बात कही है। बीजिंग की तरफ से सहमति मिलने के बाद ही काम दुबारा शुरू हो पाएगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इकबाल समिति के सदस्यों को इस के बारे में संतुष्ट नहीं कर सके कि चीन की सरकार ने क्यों नई वित्तीय मेकेनिज्म चुनने का निर्णय किया। चीन ने पिछले मेकेनिज्म को क्यों खत्म कर दिया जिस पर दोनों देश सहमत हुए थे। सीपीईसी के तहत चीन के उइगुर मुस्लिम बहुल शिनजियांग प्रांत से पाकिस्तान के रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण ग्वादर बंदरगाह को जोड़ने की योजना है।
इस योजना में सड़कों और रेल नेटवर्क को तैयार करने के साथ ही ऊर्जा परियोजनाओं को स्थापित करना भी शामिल है। साल 2015 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पाकिस्तान दौरे पर 2015 में सीपीईसी परियोजना की शुरुआत की गई थी। इससे पहले की खबरों में कहा गया था कि कथित रूप से भ्रष्टाचार की खबरों के बाद चीन ने तीन बड़ी सड़क परियोजनाओं की फंडिंग पर अस्थायी रोक लगा दी थी।