पाकिस्तान में हुए कई बम धमाकों में 115 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और बहुत से घायल हुए हैं।
सबसे ज्यादा लोग बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में एक भीड़भाड़ वाले स्नूकर क्लब में हुए दोहरे बम धमाके में मारे गए।
पहले धमाके के बाद वहां पहुंचे कई राहतकर्मी और पत्रकार दूसरे धमाके में निशाना बने। दूसरे धमाके में क्लब की इमारत भी ध्वस्त हो गई।
मरने वालों में ज्यादातर शिया लोग हैं। एक सुन्नी चरमपंथी लश्कर-ए-झांगवी ने इन हमले की जिम्मेदारी स्वीकारी है।
इससे पहले क्वेटा के एक बाजार में हुए अन्य धमाके में 11 लोग मारे गए और 27 घायल हो गए। यूनाइटेड बलोच आर्मी नाम के प्रवक्ता ने कहा कि इस विस्फोट के पीछे ने उनके गुट का हाथ है।
उधर, कबायली इलाके स्वात घाटी में हुए विस्फोट में 20 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।
दस मिनट में दो धमाके
बलूचिस्तान में न सिर्फ अलगाववादी विद्रोह चल रहा है, बल्कि वहां शिया और सुन्नी संप्रदायों के बीच भी हिंसा आम है।
एक वरिष्ठ पुलिस अफसर हामिद शकील ने बताया कि पहले अलमदार रोड पर स्कूनर हॉल बिल्डिंग के बाहर धमाका हुआ। इसके बाद वहां राहतकर्मी, पुलिस के जवान और मीडिया वाले पहुंचे गए। लेकिन दस मिनट वहां दूसरा धमाका हो गया जिसमें पहले धमाके से ज्यादा लोग मारे गए।
पुलिस के अनुसार पहले धमाके को आत्मघाती हमलावर ने अंजाम दिया जबकि दूसरा धमाका कार में रखे एक बम से किया गया।
बलूचिस्तान चरमपंथियों के साथ साथ अलगाववादी विद्रोह से भी जूझ रहा है
मृतकों में दो पत्रकार, पांच राहतकर्मी और कम से कम पांच पुलिसकर्मी शामिल हैं।
गृह सचिव अकबर दुर्रानी ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि जिस इलाके में ये धमाके हुए वहां मुख्यतः शिया आबादी रहती है।
स्वात में भी धमाका
अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों में ज्यादातर शिया हैं और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
बीबीसी संवाददाता एम इलियास खान का कहना है कि इन धमाकों की जिम्मेदारी लेने वाला लश्कर-ए-झांगलवी गुट पहले इस इलाके में रहने वाले शिया हजारा लोगों को निशाना बनाता रहा है।
दूसरी तरफ पाकिस्तान के स्वात घाटी इलाके में गुरुवार को हुए धमाके में कम से कम 21 लोग मारे गए और 80 से ज्यादा घायल हो गए। ये धमाका एक धार्मिक आयोजन के दौरान हुआ।
पहले अधिकारियों ने कहा कि धमाका एक गैस कनस्तर से हुआ लेकिन बाद एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये इसकी वजह एक बम था।