पाकिस्तान के पावर प्लांट में आई अचानक ख़राबी के कारण राजधानी इस्लामाबाद समेत देश के कई इलाक़ों में बिजली गुल हो गई है और पूरा इलाक़ा अंधेरे में डूबा हुआ है। हालांकि अब पाकिस्तान के सरकारी टेलीविज़न का कहना है कि कई इलाक़ों में बिजली आ गई है।
बिजली और पानी विभाग के सचिव राव सिंकदर ने बताया है कि अचानक पैदा हुए इस संकट की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और एक जांच समिति का गठन कर दिया गया है।
राव सिंकदर ने कहा है कि कराची को 100 मेगावाट बिजली मुहैया करा दी गई है जबकि राजधानी इस्लामाबाद और ख़ैबर पख्तूनख्वाह प्रांत में भी बिजली बहाल कर दी गई है।
बिजली व पानी मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार 1200 मेगावाट बिजली पैदा करने वाले हिब्को पावर प्लांट में आई तकनीकी ख़राबी के कारण रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात से बिजली संकट शुरू हुआ और फिर पूरे देश में बिजली संकट पैदा हो गया।
हिब्को पावर प्लांट में ख़राबी की वजह से कराची में बिजली मुहैया कराने वाली संस्था केईएससी को भी बिजली नहीं मिल सकी जिसके कारण लगभग पूरा कराची शहर अंधेरे में डूब गया।
कराची के अलावा सिंध के और दूसरे क्षेत्रों में भी बिजली गुल होने की ख़बरें हैं। बलूचिस्तान में राजधानी क्वेटा समेत प्रांत के अधिक्तर इलाक़ों में बिजली सप्लाई ठप हो गई है जबकि पंजाब प्रांत में लाहौर और फ़ैसलाबाद समेत कई बड़े शहरों से बिजली गुल होने की ख़बरें हैं।
हिब्को प्लांट ठप
रविवार रात को एक आपातकालीन प्रेस कॉंफ़्रेंस में पानी और बिजली विभाग के सचिव राव सिकंदर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था कि बिजली गुल होने का कारण नेशनल पावर कंट्रोल सेंटर में आई ख़राबी नहीं थी बल्कि हिब्को पावर प्लांट के अचानक ख़राब हो जाने और उसके बंद होने के कारण पूरे देश में बिजली संकट पैदा हो गई।
उन्होंने कहा कि हिब्को प्लांट बंद होने के कारण मंगला और तरबेला पावर ग्रीड भी ओवरलोडिंग के शिकार हो गए और आख़िरकार वे भी बंद हो गए जिसके कारण संकट ने राष्ट्रीय रूप ले लिया।
उन्होंने कहा कि दूसरे पावर प्लांट को नुक़सान से बचाने के उद्देश्य से उन्हें बंद करना पड़ा।
राव सिंकदर के अनुसार इतने बड़े पैमाने पर बिजली गुल होने का पाकिस्तान में ये तीसरा वाकया है और इससे पहले 2005 तथा 2009 में भी एक बार लगभग पूरे देश में बिजली गुल हो गई थी।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज़ अशरफ़ के दफ़्तर से भी एक बयान जारी कर कहा गया है कि प्रधानमंत्री बिजली संकट पर नज़र बनाए हुए हैं और इसे जल्द से जल्द ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।