पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ बेनजीर भुट्टो हत्या मामले में वीडियो लिंक के जरिए गवाही देने के बजाय व्यक्तिगत रूप से पेश होना चाहते हैं। मुशर्रफ पर दो बार प्रधानमंत्री रहीं बेनजीर की 2007 में हुई हत्या में शामिल होने का आरोप है।
डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुशर्रफ के वकील अख्तर शाह ने रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधी अदालत में चल रहे इस हाई प्रोफाइल हत्या मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि उनका मुवक्किल वीडियो लिंक के जरिए गवाही दर्ज कराने का इच्छुक नहीं है।
उन्होंने कहा कि मुशर्रफ व्यक्तिगत रूप से पेश होकर खुली अदालत में गवाही दर्ज कराना चाहते हैं, जिसके लिए उन्हें रक्षा मंत्रालय से पुख्ता सुरक्षा इंतजाम की जरूरत है। वकील के मुताबिक मुशर्रफ कई प्रतिबंधित और आतंकी संगठनों की हिट लिस्ट में हैं और उनकी जिंदगी को गंभीर खतरा रहता है। पाकिस्तान की सरकार पहले ही ऐसे अनुरोध को खारिज कर चुकी है।
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह का आरोप है और सरकार ने विशेष अदालत को दिए जवाब में कहा था, ‘कोई भगोड़ा अदालत के समक्ष अपनी शर्तें तय नहीं कर सकता और बातें नहीं थोप सकता, वह यह तय नहीं कर सकता कि कब और कितने समय के लिये पेश होगा।’
मुशर्रफ ने पांच मई को भी विशेष अदालत में ऐसी ही एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने अदालत से सैन्य सुरक्षा और सुरक्षित तरीके से दुबई वापस जाने का रास्ता दिए जाने का आश्वासन मांगा था। मुशर्रफ अभी दुबई में रह रहे हैं। आतंकवाद विरोधी अदालत ने उन्हें और अन्य आरोपियों को बयान दर्ज कराने के लिए समन जारी किया था।