पाकिस्तान के कराची और इस्लामाबाद में बलोच छात्र लापता बलूच लोगों के परिवारों के साथ मिलकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि बलूच और पशतून के हजारों कार्यकर्ताओं जिन्हें कथित तौर पर आईएसआई और सेना ने किडनैप किया है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए।
प्रदर्शन में अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान की मीडिया इस मुद्दे पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही है। जिसके चलते उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा। प्रदर्शन में शामिल एक शख्स का कहना है कि बाते कई सालों से बलोच परिवारों के सदस्य लापता हैं।
मामले पर वॉयस फॉर मिसिंग पर्सन नामक एनजीओ के अध्यक्ष नर्सिल्ला बलोच का कहना है कि अगर कैद हुए लोगों ने कोई गुनाह किया है तो उन्हें कोर्ट के सामने पेश किया जाए। इसके बाद भी वह गलत साबित हों तो उन्हें सजा दी जाए।
प्रदर्शन कर रहे लोग ये भी आरोप लगा रहे हैं कि पाकिस्तान उनकी पुश्तैनी जमीनों को छीन रहा है। इसके बदले में उन्हें मुआवजा भी नहीं मिल रहा। इसके खिलाफ जो भी आवाज उठाता है उसे सेना अगवा कर लेती है। ऐसे लोगों को या तो जेल में डाल दिया जाता है या फिर हत्या कर दी जाती है।