पाकिस्तान के शहर कराची के क़ायदे आज़म जिन्ना अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चरमपंथियों ने हमला किया है। एयर पोर्ट परिसर में मौजूद एक दो मंजिला इमारत के अंदर हमलावरों और सुरक्षाकर्मियों के बीच काफ़ी देर से मुक़ाबला चल रहा है। मुठभेड़ में एयरपोर्ट सुरक्षा बल के कुछ अधिकारी और चरमपंथी मारे गए हैं।
इस जगह से अभी भी गोलीबारी की आवाज़ें सुनाई दे रही हैं। यही वह इमारत है जहां हमलावरों ने हवाई अड्डे के अंदर प्रवेश किया।
सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक इस इमारत में तीन हमलावर मारे गए हैं। एक हमलावर का शव उस समय इमारत के बाहर पड़ा है। इस हमलावर ने आत्मघाती जैकेट पहन रखी थी। सुरक्षा बलों की गोली लगने के बाद उसने खुद को उड़ा लिया।
पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क प्रमुख असीम बाजोह ने एक ट्वीट में कहा है कि उनकी हवाई अड्डे के परिचालन कमांडर से बात हुई है जिन्होंने कहा है कि चरमपंथी एक ख़ास क्षेत्र में हैं जहां उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई जारी है। जिन्ना टर्मिनल सुरक्षित है और किसी जहाज आग नहीं लगी।
लेकिन अब से कुछ देर पहले पीआईए के अधिकारियों ने सेना को बताया कि हमलावर दो समूहों में हैं और एक स्थान से निकल कर फ़ायरिंग कर रहे हैं। एएसएफ़ के एक अधिकारी ने बताया कि हमलावरों के पास रॉकेट भी हैं।
सेना अनुसार के अनुसार जहाजों में सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। कराची के एसएसपी मलेर ख़ान अनवार का कहना है कि पांच से छह बंदूकधारियों ने पुराने टर्मिनल से एयरपोर्ट में प्रवेश किया और इस दौरान उन्होंने हथगोले भी फेंके।
ख़बर है कि कराची हवाई अड्डे पर आने वाली उड़ानों को दूसरे शहरों की ओर मोड़ा जा रहा है। पुलिस ने जिन्ना टर्मिनल से एक संदिग्ध आदमी को हिरासत में लिया है। इस आदमी ने ग्रे रंग कमीज़ और सलवार पहन रखी थी साथी ही इसके चेहरे पर हल्की दाढ़ी थी।
एसएसपी सीआईडी राजा उमर ने बताया कि अस्पताल लाए जाने वाले पांच शवों में से तीन लोगों ने एयरपोर्ट सुरक्षा बल, एक ने पीआईए और एक ने सिविल एविएशन कर्मचारी की वर्दी पहन रखी है।'
पाकिस्तान के सिविल एविएशन विभाग के प्रवक्ता आबिद कायम ख़ानी ने बीबीसी को बताया कि किसी जहाज का अपहरण नहीं किया गया है। हालांकि उन्होंने बताया कि हवाई अड्डे के एक हिस्से में कुछ निष्क्रिय विमान खड़े थे जिनमें से एक को गोलियां लगी हैं और इस स्थान से धुआं उठ रहा है।