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कुलभूषण जाधव पर पाकिस्तान सरकार को घेरने वाली आसमा जहांगीर का निधन

Sun, 11 Feb 2018 09:42 PM IST
एजेंसी, लाहौर
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आसमा जहांगीर
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कुलभूषण जाधव के अधिकारों की पैरोकार और पाकिस्तान की मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता असमा जहांगीर का रविवार को यहां दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। पाकिस्तानी सेना की मुखर आलोचक और लोकतंत्र की वकालत करने वाली असमा को मानवाधिकार के क्षेत्र में कई पुरस्कारों से नवाजा गया था। 
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असमा की बेटी मुनीजा जहांगीर ने बताया कि रविवार की सुबह उनकी मां को दिल का दौरा पड़ने के बाद एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं पाए। उनके निधन पर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, वकीलों और नेताओं ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट बार काउंसिल की पहली महिला अध्यक्ष 66 वर्षीय असमा ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को राजदूत तक पहुंच नहीं देने पर पाकिस्तान सरकार पर सवाल उठाया था। 

तब उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा था कि इस कार्रवाई से क्या भारत की जेलों में बंद पाकिस्तानी कैदियों के अधिकार सुरक्षित रह पाएंगे। इसके अलावा पाकिस्तान में जब भी लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश हुई, उन्होंने जमकर उसकी मजम्मत की। लाहौर में 1952 में पैदा हुईं असमा पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग की सह संस्थापक थीं। साल 1978 में पंजाब यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री लेने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से अपना करिअर शुरू किया। 
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लोकतंत्र की वकालत के लिए दो बार हुईं गिरफ्तार

लोकतंत्र की कट्टर समर्थक असमा को पाकिस्तान में सैनिक शासन के खिलाफ लोकतंत्र की बहाली के अभियान में शामिल होने के लिए 1983 में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 2007 में भी तत्कालीन सैनिक तानाशाह परवेज मुशर्रफ की सरकार द्वारा गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2012 में असमा ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से अपनी जान को खतरा बताया था।
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