अमेरिका ने एक और पाकिस्तानी सीनेटर को वीजा नहीं दिया। हाफिज हमदुल्ला ने बताया कि बिना कोई वजह बताए अमेरिका ने उनका आवेदन अस्वीकार कर दिया। हालांकि यह मामला अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से कुछ दिन पहले पिछले अक्तूबर महीने का है। हालांकि यह खबर ऐसे समय में आई है जब एक दिन पहले ही अमेरिका ने पाक सीनेट के डिप्टी चेयरमैन मौलाना अब्दुल गफूर हैदरी का वीजा आवेदन रद्द कर दिया।
खास बात यह है कि दोनों नेता एक ही पार्टी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम फजल (जेयूआई-एफ) से ताल्लुक रखते हैं। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक हमदुल्ला ने बताया कि उन्हें अमेरिकी दूतावास के कांसुलर सेक्शन में चार घंटे से ज्यादा समय तक इंतजार करना पड़ा और बाद में कहा गया कि उन्हें वीजा जारी नहीं हो सकता है। हैदरी को वीजा नहीं मिलने से अब वह 13-14 फरवरी को संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित इंटरनेशनल पार्लियामेंट यूनियन (आईपीयू) की बैठक के लिए न्यूयॉर्क नहीं जा पाएंगे। उन्हें दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करना था। जेयूआई-एफ पार्टी के अध्यक्ष मौलाना फजलुर रहमान हैं और उनकी पार्टी सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल है।
पार्टी पर आतंकवाद की छाया
दोनों ही पाक नेता जेयूआई-एफ से ताल्लुक रखते हैं और इस पार्टी का झुकाव आतंकी संगठन तालिबान की ओर है। साथ ही जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम फजल पार्टी क्षेत्र में अमेरिकी नीतियों की खुलकर मुखालफत करती है। माना जा रहा है कि वीजा न देने के पीछे यह बड़ी वजह हो सकती है। हैदरी के मामले को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विवादित आव्रजन नीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है।