पाकिस्तान के गृह मंत्री अहसान इकबाल ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर मौलवियों द्वारा फतवा या धार्मिक आदेश के जरिये हिंसा और सांप्रदायिक नफरत फैलाने की प्रथा की निंदा की।
संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने जिहाद के नाम पर मौलवियों द्वारा इंटरनेट पर परोसे जाने वाले नफरत भरे भाषणों और सामग्री की आलोचना करते हुए कहा, ‘केवल सरकार ही जिहाद की घोषणा कर सकती है और किसी भी इस्लामिक समूह को यह अधिकार नहीं है कि वह जिहाद की घोषणा करे।’
उन्होंने आगे कहा कि मैं धार्मिक नेताओं से निवेदन करता हूं कि वह सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार का फतवा जारी नहीं करें।