मुंबई हमले को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खुलासे के बाद पाकिस्तान सेना में हड़कंप मच गया है। डेली डॉन की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी कड़ी में पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) ने सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की है। इसमें मुंबई हमले के बारे में शरीफ के दिए गए बयान को लेकर चर्चा हुई है।
इस 22 वीं एनएससी की बैठक के बाद एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि बैठक ने मुंबई हमले के बारें में हालिया टिप्पणी को लेकर समीक्षा की गई। इसके साथ ही बैठक में शामिल हुए सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से नवाज शरीफ के आरोपों को खारिज कर दिया और उनके कथित दावे की निंदा की है।
वहीं, एनएससी बैठक की अध्यक्षता के बाद प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी ने पूर्व पीएम नवाज शरीफ से मुलाकात की है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों के बीच हुई इस बैठक में मुंबई हमलों नवाज के विवादास्पद बयान को लेकर चर्चा हुई। इस बैठक में नवाज की बेटी मरियम और अन्य वरिष्ठ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन के नेताओं ने भाग लिया।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले मुंबई आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ होने की बात कबूलने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अपने बयान से पलट गए। इस कबूलनामे से पाकिस्तान में ही चौतरफा घिरने के बाद रविवार को शरीफ ने कहा था कि मीडिया ने उनके बयान की गलत व्याख्या की।
वहीं, शरीफ के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा, ‘शुरुआत में भारतीय मीडिया ने शरीफ के बयान की गलत ढंग से व्याख्या की। यह निराशाजनक है कि पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के एक वर्ग ने जाने-अनजाने में न सिर्फ इसे सही ठहराया बल्कि पूरे बयान के तथ्यों को जाने बगैर भारतीय मीडिया के दुर्भावनापूर्ण प्रचार में आकर अपनी साख को भी घटा लिया।’
बता दें कि डॉन को दिए एक इंटरव्यू में शरीफ ने 26/11 के मुंबई हमले में पाकिस्तान का हाथ होने की बात कबूल करने के साथ-साथ उनके यहां इस मामले की धीमी चल रही सुनवाई को लेकर भी सवाल उठाए थे। इसके बाद से विपक्षी दल और उनकी अपनी पार्टी के कुछ असंतुष्ट नेता शरीफ पर हमलावर हैं।
शरीफ ने पहली बार माना था कि पाक में आतंकी संगठन सक्रिय हैं। उन्होंने ‘नॉन स्टेट एक्टर्स’ यानी सरकार से इतर तत्वों को सीमा पार कर मुंबई में लोगों की हत्या करने की इजाजत देने की नीति पर सवाल उठाए थे। पनामा पेपर लीक के बाद चुनाव लड़ने के लिए आजीवन प्रतिबंध का सामना कर रहे पाक के पूर्व पीएम ने कहा था कि पाक ने खुद को अलग-थलग कर लिया है।
पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री रहमान मलिक ने मुबंई हमलों के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि 'मुंबई हमला रॉ का एक ऑपरेशन था जिसे पश्चिमी देशों से समर्थन मिला था और यह इसलिए किया गया जिससे कश्मीर में किये जा रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन से दुनिया का ध्यान हटाया जा सके।'
रविवार को दिये इस बयान में उन्होंने यह भी कहा कि 'पाकिस्तान का मुंबई हमलों में कोई हाथ नहीं था, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अपने बयान को वापस ले लें क्योंकि इससे पाकिस्तान की छवि पर गलत असर पड़ रहा है।'