पाकिस्तान ने ईशनिंदा के आरोप से बरी हुई ईसाई महिला आसिया बीबी के पाकिस्तान छोड़ नीदरलैंड जाने संबंधी रिपोर्ट को ‘फर्जी खबर’ बताया है। सुप्रीम कोर्ट ने एक सप्ताह पहले ही 47 वर्षीय आसिया बीबी को ईशनिंदा के आरोपों से बरी किया था। इसके बाद फैसले के विरोध में पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे।
24न्यूज ने खबर दी थी कि ईसाई महिला आसिया बीबी को बुधवार की मध्य रात्रि मुल्तान की महिला जेल से रिहा कर दिया गया है। उन्हें रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस ले जाया गया और अब उन्हें वहां से नीदरलैंड भेजा जाएगा।
कुछ अन्य स्थानीय चैनलों ने भी आसिया बीबी की रिहाई की खबर और उनके देश छोड़ने की खबर चलाई। हालांकि, विदेश विभाग के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फैजल ने कहा कि पांच बच्चों की मां आसिया के देश छोड़ने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है, ये ‘फर्जी खबर’ है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने इस तरह की खबरों को खारिज किया।
गौरतलब है कि आसिया बीबी (47) पर उनके पड़ोसियों के साथ झगड़े के दौरान इस्लाम धर्म का अपमान करने (ईशनिंदा) का आरोप लगा था। इसके बाद साल 2010 में उन्हें दोषी ठहराया गया था। वह खुद को निर्दोष साबित करने की लगातार कोशिश करती रहीं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें आठ साल जेल में गुजारना पड़ा। इससे पहले, आसिया के पति द्वारा उनके जान को खतरे की आशंका जताए जाने के बीच इटली ने कहा था कि वह आसिया बीबी को पाकिस्तान से निकालने में मदद करने की कोशिश कर रहा है।