पाकिस्तान के अशांत उत्तरपश्चिमी कबायली इलाके में बुधवार को तालिबान के दो आत्मघाती हमलावरों ने एक सरकारी परिसर में खुद को उड़ा लिया, जिसमें न्यायाधीश समेत चार सुरक्षाकर्मी समेत 8 लोगों की मौत हो गई। इससे एक दिन पहले ही लाहौर में हुए बम धमाके में 13 लोग मारे गए थे।
इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने कहा कि पहले हमले में मोहमंद कबायली क्षेत्र के घलनई मुख्यालय स्थित परिसर में दो आत्मघाती हमलावरों ने प्रवेश करने की कोशिश की। दोनों को जब रुकने का संकेत दिया गया तो उनमें से एक ने खुद को बम से उड़ा लिया जबकि दूसरा सुरक्षा बलों की गोलीबारी में मारा गया।
आईएसपीआर ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के पास अफगानिस्तान में मोहमंद इलाके में आत्मघाती हमलावरों के घुसपैठ की खुफिया जानकारी थी। मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक पाकिस्तानी तालिबान के जमात उल अहरार धड़े ने हमले का दावा किया है। विस्फोट में सुरक्षाकर्मी के अलावा एक स्कूली शिक्षक समेत दो नागरिक मारे गए। इस घटना में कम से कम आठ लोग घायल हो गए, जिनमें से गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को पेशावर के लेडी रीडिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विस्फोट के तुरंत बाद इलाके को सील कर दिया गया है और तलाशी अभियान शुरू किया गया है। एक अन्य हमले में जज समेत दो लोगों की मौत हो गई और 18 घायल हो गए, जिनमें तीन महिलाएं समेत चार न्यायाधीश भी शामिल हैं। यह धमाका एक मोटरसाइकिल में आत्मघाती हमलावर ने आधिकारिक वाहन के नजदीक किया। यह धमाका पेशावर के हयाताबाद क्षेत्र में पास किया गया।