मुंबई पर हुए 26/11 आतंकी हमले के मामले में पाकिस्तान की एक अदालत ने शुक्रवार को बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने हमले के मुख्य साजिशकर्ता लश्कर-ए-तैयबा कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी समेत अन्य छह आरोपियों के खिलाफ हत्या के लिए उकसाने का मामला चलाने का आदेश दिया है। हमले में 166 लोग मारे गए थे। आरोपियों पर हमले में मारे गए हर शख्स की हत्या का केस चलेगा।
ट्रायल कोर्ट के फैसले की जानकारी देते हुए कोर्ट के एक अधिकारी ने बताया कि 2008 के इस हमले में मारे गए 166 में से हर व्यक्ति की हत्या के लिए लखवी समेत अन्य छह पर व्यक्तिगत रूप से मुकदमा चलेगा। हालांकि अदालत ने आरोपियों से जिरह करने की अनुमति नहीं दी है। दरअसल अभियोजन पक्ष ने दो महीने पहले एटीसी इस्लामाबाद में सातों आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों में संशोधन की मांग की थी। इसके तहत आरोपियों को सभी मौतों के लिए और हर आरोपी पर व्यक्तिगत रूप से मुकदमा चलाने की मांग की गई थी। ट्रायल कोर्ट ने मार्च में इस पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने हमले में मारे गए सभी लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सुनवाई में शामिल करने के लिए कहा था। अभियोजन पक्ष के वकील ने कहा था कि भारत से मारे गए सभी लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगी जानी चाहिए। हालांकि बचाव पक्ष के वकील ने इसका विरोध किया। इसी बीच, मुंबई हमले के पिछले महीनों सात बार सुनवाई स्थगित हो चुकी है। अब इस मामले की सुनवाई 25 मई को होगी।