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पाक को सता रहा 'काली सूची' का डर, एफएटीएफ बिल के लिए अगले हफ्ते बुलाएगा संसद सत्र

Wed, 09 Sep 2020 12:40 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
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pakistan parliament - फोटो : Twitter
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एफएटीएफ की ग्रे सूची से निकलने के लिए पाकिस्तान बुरी तरह छटपटा रहा है। इसी के  चलते एक बार सीनेट में खारिज होने के बाद भी पाक सरकार ने राष्ट्रीय असेंबली और सीनेट का नया सत्र 14 व 15 सितंबर को बुलाने का फैसला किया है ताकि धनशोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण समेत अहम विधेयक पारित कराए जा सकें।

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मीडिया में आई खबर के मुताबिक संसद का नया सत्र बुलाने का फैसला सोमवार को प्रधानमंत्री इमरान खान और उनके संसदीय मामलों के सलाहकार बाबर अवान की बैठक में लिया गया। संसद के दोनों सदनों नेशनल असेंबली और सीनेट का सत्र सोमवार को होना था लेकिन उसके स्थगित होने के बाद अवान ने प्रधानमंत्री से भेंट की।

बैठक में 14 सितंबर को राष्ट्रीय असेंबली और 15 सितंबर को सीनेट का सत्र बुलाने का फैसला लिया गया। उन्होंने बताया कि एफएटीएफ संबंधी धनशोधन एवं आतंकवादी वित्तपोषण विधेयक एवं अन्य विधयेकों को मंजूरी के लिए दोनों सदनों में पेश किया जाएगा।
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बता दें कि पेरिस से संचालित वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) ने जून 2018 में पाकिस्तान को ‘ग्रे’ (संदिग्ध) सूची में डाल दिया था और इस्लामाबाद से वर्ष 2019 तक कार्ययोजना को लागू करने को कहा था।

‘काली सूची’ का डर
पाकिस्तान इसलिए इन दिनों बेचैन है क्योंकि ग्रे सूची में होने के कारण उसे दुनिया के कई देशों से वित्तीय मदद नहीं मिल सकती है। जबकि यदि पाकिस्तान अक्तूबर 2020 तक एफएटीएफ के निर्देशों का अनुपालन नहीं करता है तो उसे ईरान और उत्तर कोरिया के साथ ‘काली सूची’ में शामिल किए जाने की पूरी संभावना है।

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