क्या पाकिस्तान को टिड्डियों के हमले से बचाने में भारत मदद करने जा रहा है? क्या पाकिस्तान के लिए भारत से कीटनाशकों के आयात का रास्ता खुलने वाला है? ये उम्मीद तब जागी है जब चीन ने पाकिस्तान को टिड्डियों के गंभीर संकट से बचाने की पहल की है और पाकिस्तान ने इच्छा जताई है कि वह इसके लिए भारत से कीटनाशक आयात करना चाहता है।
इन खतरनाक टिड्डियों के हमले को पाकिस्तान ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है। पिछले दो दशकों के दौरान इस संकट से परेशान पाकिस्तान की 40 फीसदी फसलें टिड्डियां सफाचट कर गई हैं।
पाकिस्तान के खाद्य मंत्रालय ने इस मामले में चीन से तत्काल मदद मांगी है और चीन, पाकिस्तान के प्रभावित इलाकों में आसमान से कीटनाशकों के छिड़काव से लेकर जमीनी स्तर पर भी टिड्डियों के हमले से बचाने के लिए राजी हो गया है। पाकिस्तान में चीन के राजदूत याओ जिंग ने कहा है कि चीन पाकिस्तान से प्याज, आलू और मीट के उत्पाद का आयात बढ़ाना चाहता है और इस बारे में मई में एक औपचारिक बैठक भी होनी है।
ऐसे में पाकिस्तान की फसलों को टिड्डियों के खतरनाक हसेमले से बचाना जरूरी है। चीन इसमें पूरी मदद करेगा। पाकिस्तान इसके लिए भारत से कीटनाशक आयात करने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। अगर ऐसा होता है तो इस बहाने पिछले आठ महीने से दोनों देशों के बीच कश्मीर को लेकर चल रहे विवाद की वजह से रुके हुए व्यापारिक रिश्ते भी बहाल हो सकते हैं।
इसके लिए प्रधानमंत्री इमरान खान अपने मंत्रालयों की बैठक बुलाई थी। बैठक के दौरान भारत से कीटनाशक आयात करने को लेकर इमरान खासे उत्साहित और आशावान दिखे। बैठक में पाकिस्तान के चारों प्रांतों के मुखिया और बड़े अफसरान भी मौजूद थे।
पाकिस्तान के सिंध और बलोचिस्तान प्रांत में बहुत बड़ी मात्रा में फसलें टिड्डियों के हमले से तबाह हो चुकी हैं जिससे पाकिस्तान में गन्ने से लेकर गेहूं तक की कीमतें आसमान छू रही हैं। संयुक्त राष्ट्र के फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक 8000 हेक्टेयर से ज्यादा हिस्सों में लगी फसलों पर कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जा चुका है। अगर भारत से और कीटनाशक आ गए तो इस खतरे से बचने में पाकिस्तान को बहुत फायदा होगा।
माना जा रहा है कि भारत के लिए भी यह एक अच्छा मौका होगा और मानवीय आधार पर पाकिस्तान की मदद कर वह अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर एक मिसाल भी कायम कर सकता है। जाहिर है भारत भी इस खतरे से बुरी तरह जूझ रहा है और राजस्थान का एक बड़ा हिस्सा पाकिस्तान की ओर से आ रहे टिड्डियों के दल के हमले से परेशान है।
किसानों की फसलें तबाह हो रही हैं और करोड़ों की संख्या में ये टिड्डियां यहां आ कर रोजाना करोड़ों अंडे दे रही हैं।