सार
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में भारी हिंसा हुई। अमेरिका और इस्राइल के हमले के विरोध में प्रदर्शनों के दौरान अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। कराची, इस्लामाबाद और स्कार्दू में हिंसा के चलते दर्जनों लोग घायल हुए हैं।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद पूरे पाकिस्तान में गुस्सा फूट पड़ा है। अमेरिका और इस्राइल ने तेहरान पर मिलकर हवाई हमला किया था। इस हमले में खामेनेई की मौत की पुष्टि हुई है। इसके विरोध में रविवार को पाकिस्तान के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए। इन झड़पों में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों लोग घायल हैं। हिंसा का सबसे ज्यादा असर कराची में रहा, जहां 10 लोगों की जान गई। इसके अलावा स्कार्दू में आठ और राजधानी इस्लामाबाद में दो लोगों की मौत हुई है।
पाकिस्तान में शिया समुदाय सड़क पर उतरा
पाकिस्तान में शिया समुदाय के लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे। सुरक्षा बलों ने भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और रबर की गोलियां चलाईं। इस्लामाबाद के रेड जोन में हजारों लोग जमा हो गए। यहां संसद, सरकारी दफ्तर और विदेशी दूतावास हैं। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लगभग 8,000 लोग राजधानी के एक बड़े होटल के पास इकट्ठा हुए। उनके हाथों में खामेनेई की तस्वीरें थीं। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि वे ईरान के साथ खड़ी हैं और इस मौत का बदला लेंगी।
कराची की हालात सबसे खराब
कराची में हालात सबसे ज्यादा खराब रहे। यहां प्रदर्शनकारी अमेरिकी दूतावास के बाहर जमा हुए। कुछ नौजवान दूतावास की दीवार पर चढ़ गए और खिड़कियां तोड़ दीं। पुलिस की कार्रवाई में यहां 10 लोगों की मौत हुई और 60 लोग घायल हुए। सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने इस घटना को दुखद बताया और जांच के आदेश दिए।
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संयुक्त राष्ट्र दफ्तर पर हुआ हमला
उत्तर में गिलगित-बाल्टिस्तान के स्कार्दू शहर में भी भारी हिंसा हुई। यहां प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के दफ्तर में आग लगा दी। इस घटना में 8 लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने स्कार्दू में तीन दिन का कर्फ्यू लगा दिया है। लाहौर, पेशावर और मुल्तान जैसे शहरों में भी हजारों लोग सड़कों पर उतरे। लाहौर में पुलिस ने अमेरिकी दूतावास में घुसने की कोशिश कर रहे लोगों पर आंसू गैस छोड़ी।
पाकिस्तान सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खामेनेई की मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने सुरक्षा का जायजा लिया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूरा देश इस दुख में ईरान के साथ है। विदेश मंत्री इसहाक डार ने भी ईरानी विदेश मंत्री से बात की और हमले की निंदा की।
सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर
अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। पाकिस्तान और ईरान के बीच 900 किलोमीटर लंबी सीमा है। पाकिस्तान इस्राइल को एक देश के रूप में मान्यता नहीं देता है। इस हिंसा ने 1979 की याद दिला दी है, जब इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास पर हमला हुआ था और आग लगा दी गई थी। फिलहाल पूरे देश में सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।
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