दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को मिली जीत के बाद प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तानी पीएम इमरान खान को आमंत्रित नहीं किया गया है। इसे लेकर पाकिस्तान ने अपने देश में सरकार की किरकिरी दबाने के लिए आमंत्रण न मिलने को कोई खास तवज्जो नहीं देने की कोशिश की है।
अपना मुंह छिपाने की इस कोशिश में पाक ने बड़ी चालाकी से सफाई देते हुए भारत के सिर ठीकरा फोड़ा है। पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि भारत की आंतरिक राजनीति उन्हें ऐसा करने से रोक रही है।
भारत सरकार ने सोमवार को नई दिल्ली में घोषणा की कि उसने पीएम के शपथ ग्रहण में बिमस्टेक देशों के नेताओं को बुलाया है, जबकि पाक इसका सदस्य नहीं है। बिमस्टेक देशों में भारत, बांग्लादेश, म्यामांर, श्रीलंका, थाईलैंड, भूटान और नेपाल शामिल हैं।
कुरैशी ने बौखलाहट निकाली कि कश्मीर मुद्दे के अलावा सियाचिन एवं सरक्रीक विवादों का हल निकालना ज्यादा जरूरी है और इसके लिए वार्ता, बैठक करना शपथ ग्रहण समारोह में शरीक होने से ज्यादा अहम होगा। बता दें कि 2014 को नरेंद्र मोदी के शपथ समारोह में दक्षेस देशों के नेता बुलाए गए थे जिसमें तात्कालीन पाक पीएम नवाज शरीफ शामिल थे।
‘डॉन’ अखबार ने कुरैशी के हवाले से कहा, ‘मोदी का पूरा ध्यान चुनाव प्रचार के दौरान पाकिस्तान पर निशाना साधने में रहा। ऐसे में उनका तुरंत अपनी बात से मुकरना संभव नहीं है। भारत की आंतरिक राजनीति उन्हें ऐसा करने की इजाजत भी नहीं देती है।’ इमरान को आमंत्रित न करने से बौखलाए कुरैशी ने कहा, ‘पेंडुलम को एक तरफ जाने के बाद दोबारा आने में समय लगता है।’
बधाई का हो चुका है आदान-प्रदान
पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इमरान खान को आम चुनाव में जीतने के बाद बधाई दी थी और खत भी लिखा था। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते लेनदेन पर आधारित हैं और पीएम इमरान खान ने सद्भावना के तौर पर मोदी को जीत की बधाई दी थी। ठीक इसी तरह से इमरान के पीएम बनने पर मोदी ने भी उन्हें बधाई दी थी।
समाधान निकालने की हों कोशिशें
कुरैशी ने कहा कि बातचीत जारी करने का नया रास्ता निकालना भारत के लिए जरूरी है। अगर मोदी इस क्षेत्र का विकास चाहते हैं तो इसका केवल एक ही रास्ता है कि पाकिस्तान के साथ बैठकर समाधान निकालने की कोशिश की जाए। यह पाकिस्तान के हित में भी है कि दोनों देशों के बीच तनाव खत्म हो जाए। कुरैशी ने दोहराया कि पाकिस्तान ने तनाव पैदा नहीं किया।