पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को एक सुरंग में बलोच लड़ाकों ने एक यात्री ट्रेन पर हमला कर दिया। इस दौरान उन्होंने यात्रियों को बंधन बना लिया। इसके बाद चलाए गए बचाव अभियान में अब तक सुरक्षा बलों ने कम से कम 17 हथियाबंद लड़कों को मार गिराया है और 155 यात्रियों को बचा लिया गया है। बचाए गए यात्रियों को एक अन्य ट्रेन से माच शहर भेजा गया है। माच शहर पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के कच्छी जिले में है। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों और लड़ाकों के बीच मुठभेड़ लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी जारी है।
क्या है मामला?
बीते दिन नौ डिब्बों में लगभग 500 यात्रियों को लेकर जाफर एक्सप्रेस क्वेटा से खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर जा रही थी, तभी सशस्त्र हमलावरों ने मंगलवार की दोपहर को बोलान क्षेत्र में पीरू कुनरी और गुदलार के पहाड़ी इलाकों के पास एक सुरंग में उसे रोक लिया। ‘बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी’ (बीएलए) ने बाद में इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
इस जगह को ही क्यों चुना?
दरअसल, बोलान क्वेटा और सिबी के बीच 100 किलोमीटर से ज्यादा लंबा पहाड़ी इलाका है। इस इलाके में 17 सुरंग हैं, जिनसे होकर रेलवे पटरी गुजरती है। दुर्गम इलाका होने की वजह से यहां ट्रेन की गति अक्सर धीमी रहती है। दावा यह भी किया जा रहा है कि लड़ाके कुछ यात्रियों को पहाड़ी इलाकों में ले गए हैं। सुरक्षा बल उनका पीछा कर रहे हैं।
ट्रेन में करीब चार से पांच सरकारी अधिकारी भी
पिछले वर्ष अक्तूबर में पाकिस्तान रेलवे ने डेढ़ महीने से अधिक समय के निलंबन के बाद क्वेटा और पेशावर के बीच रेल सेवाएं बहाल करने की घोषणा की थी। जिस इलाके में ट्रेन को रोका गया है, वहां के जिला पुलिस अधिकारी राणा मोहम्मद दिलावर ने बताया कि सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है, लेकिन ऐसी खबरें हैं कि लड़ाकों ने कुछ महिलाओं और बच्चों को बंधक बना लिया है। ट्रेन में करीब चार से पांच सरकारी अधिकारी भी सवार थे।
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बीएलए ने क्या दावा किया?
इस बीच बीएलए ने दावा किया कि उसने ट्रेन को पटरी से उतारकर उसे अपने काबू में कर लिया। समूह ने कहा कि उसने छह सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर दी है और सुरक्षाकर्मियों सहित 100 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया है। बीएलए ने एक बयान में चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान की सेना कोई अभियान चलाती है, तो सभी बंधकों को मार दिया जाएगा। इस समूह पर पाकिस्तान, ब्रिटेन और अमेरिका में प्रतिबंध है।
हमलों में बढ़ोतरी
बलूचिस्तान में पिछले एक साल में हमलों में बढ़ोतरी देखी गई है। पिछले वर्ष नवंबर में क्वेटा रेलवे स्टेशन पर एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को बम से उड़ा लिया था, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी और 62 अन्य घायल हो गए थे। इसके बाद रेलवे ने कई सेवाएं निलंबित कर दी थीं।
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