पाकिस्तान अक्तूबर में एससीओ समूह की बैठक की मजबानी करेगा। इस बैठक में समूह सदस्यों के सभी शासनाध्यक्षों को आमंत्रित किया जाएगा। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है।
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्तान इस साल एससीओ काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट (सीएचजी) की अध्यक्षता करेगा। जो कि अक्तूबर में आयोजित होगी।
जहरा बलूच से जब पूछा गया कि क्या पाकिस्तान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए निमंत्रण देगा। तो इसके जवाब में जहरा ने कहा, "अध्यक्षता पाकिस्तान की है, इसलिए अध्यक्ष के रूप में हम एससीओ सदस्य देशों के सभी शासनाध्यक्षों को निमंत्रण देंगे।"
उन्होंने कहा कि अक्तूबर शिखर सम्मेलन से पहले एक मंत्रिस्तरीय बैठक और फिर वरिष्ठ अधिकारियों की कई दौर की बैठकें होंगी। जो कि एससीओ सदस्य देशों के बीच वित्तीय, आर्थिक, सामाजिक-सांस्कृतिक और मानवीय सहयोग पर केंद्रित होंगी।
'पाकिस्तान किसी भी गुट का हिस्सा नहीं है'
बलूच ने यह भी कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में किसी भी गुट का हिस्सा नहीं बनेगा क्योंकि वह सभी देशों के साथ अच्छे संबंध रखने में विश्वास रखता है।
उन्होंने कहा, ‘मैं सबसे पहले यह स्पष्ट करना चाहूंगी कि पाकिस्तान ने बार-बार कहा है कि हम किसी गुट का हिस्सा नहीं हैं। हम गुटबाजी की राजनीति में विश्वास नहीं करते हैं। हम आपसी सम्मान, आपसी विश्वास और एक-दूसरे के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप न करने के आधार पर सभी देशों के साथ अच्छे संबंधों में विश्वास करते हैं।’
अमेरिका की रिपोर्ट को खारिज किया
जहरा बलूच ने अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा धार्मिक स्वतंत्रता के आधार पर पाकिस्तान के बारे में जारी रिपोर्ट को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका की रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज करता है। पाकिस्तान इस तरह की एक तरफा रिपोर्टों का विरोध करता है, जो संप्रभु राज्यों के आंतरिक मामलों पर हस्तक्षेप या टिप्पणी करती हो।