पाकिस्तान का चुनाव आयोग तय समय से एक साल पहले आम चुनाव कराने की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि मुल्क में इसी साल अक्तूबर महीने में ही चुनाव हो सकते हैं। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन का काम पूरा कर लिया है और उनके बारे में किसी भी आपत्ति को खत्म कर दिया है।
सूत्र ने कहा कि सभी राष्ट्रीय और प्रांतीय सीटों के लिए सभी निर्वाचन क्षेत्रों में काम पूरा कर लिया गया है। आयोग ने इससे पहले देश के सर्वोच्च न्यायालय को आश्वासन दिया था कि वह चार अगस्त तक निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन पूरा कर लेगा।
सूत्र ने कहा कि ईसीपी अगस्त के अंत तक मतदाताओं और निर्वाचन क्षेत्रों की सूची प्रकाशित करेगी। पिछला आम चुनाव जुलाई 2018 में हुआ था और पाकिस्तान की वर्तमान नेशनल असेंबली का कार्यकाल अक्तूबर 2023 तक है।
पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि अगला आम चुनाव अगले साल अपने निर्धारित समय पर होगा। इस गठबंधन में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) सहित सत्तारूढ़ गठबंधन में ज्यादातर राजनीतिक दल शामिल हैं।
पीडीएम अध्यक्ष मौलाना फजलुर रहमान ने कहा कि आम चुनाव समय पर होंगे और मौजूदा सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान खान ने हालांकि इस बात पर जोर दिया था कि देश में मौजूदा राजनीतिक संकट को खत्म करने का एकमात्र तरीका तत्काल स्वच्छ और पारदर्शी चुनाव कराना है।
इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाकिस्तान के चुनाव आयोग और उसके प्रमुख पर भेदभाव का आरोप लगाया था। इसके साथ ही इमरान ने उनके विरुद्ध प्रदर्शन का आह्वान किया था। कुछ दिन पहले चुनाव आयोग ने निषिद्ध विदेशी चंदा प्राप्त करने को लेकर खान की पार्टी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
टीटीपी ने संघर्ष विराम का आश्वासन दिया
प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के नेताओं ने एक पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि अफगानिस्तान की सीमा से लगे कबायली क्षेत्र में आतंकवाद को समाप्त करने के लिए दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता होने तक अनिश्चितकालीन संघर्ष विराम लागू रहेगा। पाकिस्तान सरकार और टीटीपी संघर्ष विराम की अवधि अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाने पर 31 मई को सहमत हुए थे। संघर्ष विराम की अवधि 30 मई को समाप्त हो गई थी।