कुलभूषण जाधव मामले में दो दिन पहले तक अपनी जिद पर अड़े पाकिस्तान को आखिर अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत के आदेश के आगे झुकना पड़ा। फैसले के एक दिन बाद पाकिस्तान अपनी जेल में कैद कुलभूषण जाधव को राजनयिक पहुंच देने पर तैयार हो गया है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार देर रात बताया कि एक जिम्मेदार देश होने के नाते उनका देश कमांडर कुलभूषण जाधव को पाकिस्तानी कानून के मुताबिक राजनयिक पहुंच देगा। हालांकि उन्होंने इसकी कोई तय तारीख का एलान नहीं किया है लेकिन उन्होंने कहा कि इस पर काम किया जा रहा है। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि जाधव को वियना संधि के आर्टिकल 36, पैराग्राफ 1(बी) के तहत उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी जा चुकी है।
इससे पहले दिन में पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस मामले पर ट्वीट किया कि हम अपने देश के कानून का पालन करेंगे। आईसीजे ने जाधव को रिहा करने और भारत भेजने संबंधी कोई फैसला नहीं दिया है, इसका सम्मान किया जाना चाहिए। वह (जाधव) पाकिस्तान की आवाम के दोषी हैं, पाकिस्तान इस मामले में कानून का पालन करेगा।
विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी कहा था कि जाधव को पाकिस्तान में ही रखा जाना चाहिए और उनके साथ पाकिस्तान के कानून के आधार पर ही व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने ट्वीट कर दावा किया कि आईसीजे में पाकिस्तान की ही जीत हुई है, भारत जाधव की रिहाई चाहते हैं जिसे मंजूर नहीं किया गया। इसके बाद भी अगर वे इसे अपनी जीत मान रहे हैं तो इसके लिए गुडलक।
गौरतलब है कि पाकिस्तान अपने सैन्य अदालत से फांसी की सजा पाए जाधव से भारतीय राजनयिकों को मिलने देने से हमेशा इनकार करता रहा है। भारत सरकार की बार-बार आग्रह और अपील के बाद उसने जाधव की मां व पत्नी को उससे मिलने दिया था लेकिन इस दौरान उनके साथ भी अमानवीय व्यवहार किया गया था। जिसकी न केवल भारत में बल्कि पाकिस्तानी मीडिया में भी काफी आलोचना हुई थी।
जाधव निर्दोष, तुरंत रिहा करे पाकिस्तान : विदेश मंत्रालय
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय से पाकिस्तान में कैद भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण यादव की फांसी पर रोक लगाने का फैसला आने के अगले दिन केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को पाकिस्तान से दो टूक कहा कि जाधव निर्दोष हैं और उन्हें तुरंत छोड़ा जाए। विदेश मंत्री ने संसद के दोनों सदनों में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के फैसले पर बयान देते हुए पाकिस्तान से तुरंत रिहाई की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान को अब आईसीजे के फैसले के मुताबिक जाधव तक राजनयिक पहुंच मुहैया कराना होना। आईसीजे का फैसला बाध्यकारी है और पाकिस्तान इसके खिलाफ अपील नहीं कर सकता। अब पाकिस्तान की ओर से इसमें देरी की गुंजाईश नहीं है। भारत हर हाल में भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को वापस लेकर आएगा।
पाकिस्तान झूठी कहानी से सच्चाई नहीं छिपा सका
विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने जाधव से कस्टडी में जबरन बयान लेकर उसके बारे में कहानी गढ़ी। उसे अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया। ऐसा कर पाकिस्तान जाधव के निर्दोष होने की सच्चाई को नहीं छुपा सका। आईसीजे के फैसले से भारत का पक्ष सही साबित हुआ है। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का फैसला जाधव की बिना शर्त रिहाई का पहला कदम है। उन्होंने कहा कि 2017 में सरकार ने इसी सदन में जाधव की कुशलता और उसे वापस लाए जाने की हरसंभव कोशिश का एलान किया था। उसी के तहत सरकार आईसीजे में अपना पक्ष रखने के साथ दूसरे उपाय भी कर रही है।
साल्वे के प्रयासों को सराहा, जाधव के परिजनों के धैर्य को सलाम
विदेश मंत्री ने वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे के प्रयासों की भी सराहना की। हरीश साल्वे ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में भारत की ओर से जाधव की पैरवी की थी। इसके साथ ही जयशंकर ने इस संकट के दौर में जाधव के परिवार द्वारा दिखाई गई हिम्मत और धैर्य की भी प्रशंसा की।