भारत-पाक सीमा पर टिड्डी दल का धावा
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पाकिस्तान, भारत, ईरान और अफगानिस्तान टिड्डी दलों के प्रकोप से निपटने की योजना बनाने के लिए 11 मार्च को वीडियो कांफ्रेंस करेंगे। सोमवार को मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। बीते तीन दशक से टिड्डी दलों के हमले इस क्षेत्र के लिए मुश्किल का सबब बने हुए हैं।
वैज्ञानिकों के अनुसार भारत-पाकिस्तान सीमा पर हाल ही में टिड्डी दलों का प्रकोप पूरे क्षेत्र में सामान्य से अधिक मानसूनी वर्षा और हिंद महासागर में लगातार चक्रवातों के कारण देखने को मिला है।
पाकिस्तान, भारत, ईरान और अफगानिस्तान के कृषि मंत्री टिड्डी दलों के प्रकोप से निपटने के लिये 11 मार्च को वीडियो कांफ्रेंस करेंगे। ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की खबर के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफओए) के प्रतिनिधि भी अबूधाबी से वीडियो लिंक के जरिए कांफ्रेंस में हिस्सा लेंगे।
खाद्य एवं कृषि संगठन के अनुसार टिड्डियां दुनिया की सबसे पुरानी प्रवासी कीट हैं। संगठन के अनुसार मानव जीवन के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक टिड्डियां काफी तेजी से पैदा होती हैं और तीन महीने में ही उनकी तादाद 20 गुणा तक बढ़ जाती है।