पाकिस्तान के कराची शहर के ईसा नगरी इलाके में चार मई को 10 साल की नाबालिग ईसाई बालिका से दुष्कर्म के आरोपी को कोर्ट ने मंगलवार को जेल भेज दिया। पीड़िता पड़ोस में रहने वाले आरोपी की बहन से ट्यूशन के लिए उसके घर जाती थी। उसी दौरान उसने बलात्कार किया था।
उग्र भीड़ की झड़प में घायल हुए थे चार पुलिसकर्मी
दुष्कर्म की घटना के बाद इलाके में भारी बवाल मचा था। पीड़िता के रिश्तेदारों व पड़ोसियों ने आरोपी के घर का घेराव कर उसे पकड़ने का प्रयास किया था। हालांकि वह उग्र भीड़ से बचकर भाग निकला था। इसी दौरान पुलिस से उग्र लोगों की झड़प हुई थी। इसमें चार पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे।
बवाल के बाद पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को उसकी रिमांड पूरी होने पर जांच अधिकारी ने उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड अवधि बढ़ाने का आग्रह किया। हालांकि कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। कोर्ट ने जांच अधिकारी से कहा कि वह अगली तारीख पर जांच रिपोर्ट के साथ उसे फिर पेश करे। पुलिस के जांच अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि पीड़िता आरोपी के घर के पास ही रहती है। वह उसकी बहन से पढ़ने के लिए जाया करती थी। घटना वाले दिन आरोपी ने उस पर यौन हमला किया था।
पाकिस्तान में रोज आठ बच्चों से दुष्कर्म
पाकिस्तान में बच्चों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं ज्यादा होती हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार देश के चार प्रांतों में बच्चों के साथ दुष्कर्म की वर्ष 2020 में 2960 घटनाएं हुई। यानी रोजाना आठ बच्चों को यौन हमलों का शिकार बनाया गया। इन चार राज्यों में इस्लामाबाद राजधानी क्षेत्र, आजाद जम्मू-कश्मीर, गिलगित व बाल्टिस्तान शामिल हैं। एनजीओ साहिल के अनुसार दुष्कर्म की शिकार होने वाली 51 पफीसदी बच्चियां होती हैं, जबकि 49 प्रतिशत लड़के। दर्ज मामलों में से 986 अप्राकृतिक कृत्य के, 787 दुष्कर्म के, 80 पोर्नोग्राफी के और 80 केस दुष्कर्म के बाद हत्या के थे।